Latest Updates
-
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम
Suneil Anand Passes Away: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता देव आनंद के बेटे और अभिनेता सुनील आनंद का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 26 जुलाई को लंदन में दिल का दौरा पड़ने के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। सुनील आनंद प्रतिष्ठित आनंद परिवार का हिस्सा थे, जिसने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। हालांकि उन्हें अपने पिता जैसी लोकप्रियता नहीं मिली, लेकिन अभिनय, निर्देशन और फिल्म निर्माण के जरिए उन्होंने परिवार की फिल्मी विरासत को आगे बढ़ाने की लगातार कोशिश की।

नहीं रहे देव आनंद के बेटे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनील आनंद अमेरिका से भारत लौट रहे थे। इस दौरान लंदन में उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए स्टेंट डालने की तैयारी की थी। लेकिन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही उन्हें दूसरा हार्ट अटैक आ गया, जिसमें उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिवार ने की प्राइवेसी की अपील
देव आनंद की भतीजी जीना नारंग ने सुनील आनंद के निधन की बात की पुष्टि करते हुए एक बयान भी जारी किया। उन्होंने कहा, "भारी मन से हमारा परिवार सुनील आनंद के निधन पर शोक व्यक्त करता है। इस मुश्किल समय में हमें जो प्यार, दुआएं और साथ मिला है, उसके लिए हम सभी के आभारी हैं। हम सभी के आभारी हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस कठिन समय में हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें।"
देव आनंद और कल्पना कार्तिक के इकलौते बेटे थे सुनील आनंद
सुनील आनंद का जन्म वर्ष 1956 में हुआ था। वह हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के इकलौते बेटे थे। उनकी एक बहन देविना आनंद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मां कल्पना कार्तिक और बहन देविना ऊटी में रहती हैं। बचपन से ही उनका अधिकांश समय फिल्मी माहौल में बीता। अपने पिता को करीब से काम करते हुए देखने के कारण उनका झुकाव भी अभिनय और फिल्मों की ओर हो गया।
देव आनंद ने खुद बेटे को फिल्मों में किया लॉन्च
देव आनंद चाहते थे कि उनका बेटा भी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाए। इसी सोच के साथ उन्होंने साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म 'आनंद और आनंद' से सुनील आनंद को बॉलीवुड में लॉन्च किया। इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण देव आनंद ने ही किया था। इसके बाद सुनील 'कार थीफ', 'मैं तेरे लिए' और 'मास्टर' जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि, इन फिल्मों के बावजूद उन्हें वह पहचान और सफलता नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
अभिनय के बाद संभाली नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी
फिल्मों में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने के बाद सुनील आनंद ने परिवार के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस नवकेतन फिल्म्स का काम संभालना शुरू किया। इस बैनर की स्थापना देव आनंद और उनके भाई चेतन आनंद ने की थी। नवकेतन फिल्म्स ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं। सुनील ने केवल प्रोडक्शन की जिम्मेदारी ही नहीं संभाली, बल्कि निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने फिल्म 'मास्टर' का निर्देशन किया और परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। भले ही वह अपने पिता जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने परिवार के फिल्मी सफर को आगे ले जाने की पूरी कोशिश की और इसी पहचान के साथ उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
नहीं की थी शादी
देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारियां संभालीं, लेकिन वह हमेशा लाइमलाइट से दूर रहे। उन्होंने बेहद सादा और निजी जीवन बिताना पसंद किया। सुनील आनंद ने कभी शादी नहीं की और पूरी जिंदगी अविवाहित रहे। फिल्मों से दूरी बनाने के बावजूद वह समय-समय पर अपने पिता की विरासत और नवकेतन से जुड़े कामों पर ध्यान देते रहे।
पिता की तरह लंदन में ही हुआ निधन
देव आनंद ने वर्ष 2011 में लंदन में अंतिम सांस ली थी। अब लगभग 15 साल बाद उनके बेटे सुनील आनंद का निधन भी उसी शहर में हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने उसी अस्पताल में आखिरी सांस ली, जहां उनके पिता का इलाज चला था। यह संयोग आनंद परिवार और देव आनंद के प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक करने वाला माना जा रहा है। सुनील आनंद के निधन के साथ हिंदी सिनेमा के एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार की एक और महत्वपूर्ण कड़ी हमेशा के लिए टूट गई।



Click it and Unblock the Notifications
