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अधूरे प्रेम से लेकर मनचाहे जीवनसाथी की इच्छा होगी पूरी, इन देवी-देवताओं को करें प्रसन्न
किसी से प्रेम करना और उस मनपसंद साथी का जीवनभर साथ मिल पाने का सुख सबको नहीं मिलता है। जीवन में कई लोग ऐसे मिलते हैं जिनकी तरफ हम आकर्षित हो जाते हैं और ये भावना प्रेम में बदल जाती है। हम उस प्यार को पाना चाहते हैं, मगर कुछ न कुछ ऐसे अवरोध होते हैं जिनकी वजह से प्रेम अधूरा रह जाता है।

मगर हिंदू धर्म में कई ऐसे देवी देवता हैं जिनकी आराधना करने से मनचाहे जीवनसाथी की इच्छा पूरी हो जाती है। इनकी पूजा आज से नहीं बल्कि सदियों से होती आ रही है। अगर आप भी अपने नाकामयाब इश्क को मुकम्मल बनाना चाहते हैं या फिर मनचाहे जीवनसाथी की इच्छा है तो आपको इन देवी देवताओं की शरण में जाना चाहिए।

श्रीकृष्ण
प्रेम का जब भी जिक्र किया जाता है वहां रास रचाने वाले भगवान श्रीकृष्ण का नाम स्वाभाविक ही आ जाता है। अपनी रास लीलाओं के लिए मशहूर भगवान कृष्ण रोमांस के देवता माने गए हैं। प्रेम और काम भावना के लिए मुरली मनोहर की आराधना की जाती है। भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी का प्रेम अमर है। जो जोड़ा इन दोनों का पूजन करते हैं उनके बीच ताउम्र प्यार बना रहता है।

शिवजी
भगवन शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर रूप की कल्पना करके आप समझ सकते हैं कि उनका रिश्ता कितना अटूट था। इतना ही नहीं, सृष्टि का पहला प्रेम विवाह भी भगवान शिव और माता पार्वती का माना गया है। हिंदू धर्म में ऐसे कई व्रत तथा त्योहार मिल जाएंगे जहां स्त्रियां भगवान शिव को प्रसन्न करती हैं ताकि अच्छे जीवनसाथी की मुराद पूरी हो जाए। आप भी अपने प्रेम की पूर्ति के लिए महादेव और मां पार्वती कि आराधना करें।

चंद्रमा और शुक्र
व्यक्ति के जीवन में ग्रह नक्षत्रों का भी बहुत अधिक प्रभाव रहता है। चंद्रमा को प्रेम का प्रतीक माना गया है। चंद्रमा मन को शीतल रखता है। चंद्रमा की पूजा करने से आपकी प्रेम से जुड़ी कामना पूरी होती है। चंद्र देव और शुक्र को मन की नाजुक अनुभूतियों का देवता माना जाता है।

कामदेव
कामदेव को काम अर्थात प्यार, इच्छा, कामुकता और कामवासना का देव माना गया है। ये भगवान ब्रह्मा के पुत्र माने गए हैं। प्रेम से जुड़ी सभी भावनाओं का नियंत्रण इन्हीं के पास रहता है।

रति
ऐसा कहा जाता है कि भगवान कामदेव का विवाह प्रजापति दक्ष कि पुत्री रति से हुआ था जो प्रेम और आकर्षण की देवी मानी जाती है। देवी रति को प्रेम, जुनून और मिलाप के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। सुखद और मधुर वैवाहिक जीवन के लिए व्यक्ति को रति की उपासना करनी चाहिए। खासतौर से महिलाएं और लड़कियां प्रेम और शारीरिक संगति के लिए रति की पूजा करती हैं।



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