बिश्केक में SCO समिट: पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात पर टिकी नजरें, जानें भारत के लिए क्यों है यह अहम

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का शिखर सम्मेलन आज यानी 31 अगस्त से बिश्केक में शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यहां पहुंच रहे हैं, जहां उनका पूरा दिन द्विपक्षीय वार्ताओं और बैठकों से भरा रहेगा। राष्ट्रप्रमुखों की परिषद की औपचारिक बैठक कल, 1 सितंबर को होगी। इस समिट में भारत की प्राथमिकताओं में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और व्यापार शामिल हैं। हालांकि, पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की संभावित द्विपक्षीय मुलाकात पर ही सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। यह सम्मेलन इस संगठन की 25वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक है।

सम्मेलन में वैश्विक नेता क्षेत्रीय सुरक्षा, ट्रेड कॉरिडोर, ऊर्जा और डिजिटल सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे और वर्षगांठ के खास प्रस्तावों को अपनाएंगे। मेजबान किर्गिस्तान ने 'बिश्केक घोषणापत्र' और कई विषय-विशेष बयानों का मसौदा तैयार किया है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र और अन्य क्षेत्रीय निकायों की मौजूदगी में एक 'SCO प्लस' सत्र भी आयोजित किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ऊर्जा दक्षता और तकनीकी सहयोग से जुड़े ड्राफ्ट को पहले ही हरी झंडी दे चुके हैं, जिन्हें समिट के दौरान औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा। बैठकों में अफगानिस्तान के हालात, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।

SCO Summit 2026: PM Modi and Putin Meeting in Bishkek, India's Strategic Agenda Explained

SCO समिट का एजेंडा: सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी

समिट के पहले दिन सभी की नजरें द्विपक्षीय वार्ताओं पर होंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। भारत इसके अलावा मेजबान देश के राष्ट्रपति सादिर जापारोव और अन्य मध्य एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी वार्ता करेगा। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव बिश्केक पहुंच चुके हैं और उनकी भी कई बैठकें तय हैं। सम्मेलन के चलते बिश्केक के मानस हवाई अड्डे पर आज और कल विशेष नियम लागू रहेंगे, जिससे दिन की उड़ानों पर असर पड़ सकता है। पीएम मोदी आज शाम वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लेंगे।

SCO समिट में द्विपक्षीय बैठकें: आज इन बातों पर रहेगी नजर

भारतीय पाठकों के लिए यह सम्मेलन क्यों मायने रखता है, इसकी वजह बेहद साफ है। एससीओ फ्रेमवर्क के जरिए आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति, ड्रग्स कंट्रोल और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलती है। साथ ही, यह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) जैसे व्यापारिक मार्गों को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन मंच है। मध्य एशिया तक सीधी पहुंच के लिए चाबहार बंदरगाह भारत के लिए सबसे व्यावहारिक रास्ता है। सम्मेलन में रीजनल एंटी-टेररिज्म स्ट्रक्चर (RATS) और ड्रग्स तस्करी रोकने में आपसी सहयोग पर चर्चा होना तय है। वहीं, डिजिटल मानकों और पेमेंट सिस्टम को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ सकती है।

आज बिश्केक से विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग, नेताओं की पहली तस्वीरें और शुरुआती बयानों पर नजर रखनी होगी। कल होने वाले मुख्य सत्र में बिश्केक घोषणापत्र और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। 'SCO प्लस' बैठक के जरिए व्यापक क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं को टटोला जाएगा। आज देर शाम बिश्केक में शेरपा ब्रीफिंग होने की भी संभावना है। कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को लेकर अगर कोई बड़ा फैसला होता है या मोदी-पुतिन बैठक से कोई मजबूत संदेश निकलता है, तो यह इस समिट का सबसे बड़ा टेकअवे होगा।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Monday, August 31, 2026, 5:43 [IST]
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