चेहरे की झुर्रियों को कैसे कम करें

By Super

सामान्यत: बढ़ती हुई उम्र के साथ झुर्रियों की समस्या आती है परंतु आजकल की तनाव भरी और व्यस्त ज़िन्दगी के कारण लोगों में बढ़ती उम्र की समस्याएं जल्दी आने लगी हैं। हम में से सभी की त्वचा सुंदर नहीं होती और कम उम्र में झुर्रियां इस समस्या को और अधिक बढ़ा सकती है। आज बाज़ार कई तरह के एंटी ऐजिंग उत्पादों और उपचारों से भरा पड़ा है, हर कोई दूसरे से बेहतर होने का दावा करता है। तो हम यह कैसे निश्चित करें कि क्या अच्छा है?

मूल रूप से झुर्रियों के उपचारों को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:

कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट (उपचार):
1) बोटॉक्स :
चेहरे की झुर्रियों को मिटाने के लिए आमतौर पर इस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। इसमें केवल 15 मिनिट का समय लगता है जिसमें चेहरे की मांसपेशियों को आराम देने के लिए चेहरे पर झुर्रियों के नीचे कुछ इंजेक्शन दिए जाते हैं और इस प्रकार झुर्रियों को दूर किया जाता है। 7 से 14 घंटे के बीच चेहरे में सुधार दिखने लगता है जो 4 महीने तक रहता है। लाखों लोग इस उपचार को अपना रहे हैं। परंतु इसके कुछ दुष्परिणाम भी हैं जैसे धुंधली दृष्टि, मुंह सूखना, थकान, सिरदर्द, एलर्जी, या इंजेक्शन के स्थान पर सूजन या लालिमा। इनमें से कुछ दुष्परिणाम एक सप्ताह तक रहते हैं और कुछ 6 सप्ताह तक रहते हैं। इस उपचार को अपनाने से पहले किसी अच्छे डॉक्टर से सही परामर्श लेना आवश्यक है। ड्रिंक जो भगा देगी झुर्रियों को

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2) केमिकल पील : जैसा की नाम से ज्ञात है कि इस प्रक्रिया में त्वचा की ऊपर की सतह को निकालने के लिए एक रासायनिक घोल की आवश्यकता होती है। इसमें त्वचा की ऊपरी सतह को आराम से निकाला जाता है जिससे त्वचा की प्रकृति में सुधार होता है।

3) डर्मब्रेशन (धब्बे आदि हटाने के लिए त्वचा की ऊपरी परत को घिसना): डर्मब्रेशन में एक विद्युत् संचालित उपकरण की सहायता से त्वचा की ऊपरी सतह को निकाल दिया जाता है। इस उपचार के बाद त्वचा अधिक चिकनी और चमकदार हो जाती है। हालाँकि गहरी झुर्रियों और रेखाओं के लिए यह प्रक्रिया उपयोगी नहीं है। डर्मब्रेशन के दुष्परिणामों में दाग पड़ना और त्वचा के रंग में स्थायी परिवर्तन शामिल है।

4) लेज़र रिसर्फेसिंग : चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा पाने का यह एक नवीनतम उपचार है। इस उपचार में कार्बनडाईऑक्साइड लेज़र का उपयोग करके क्षतिग्रस्त त्वचा को परत दर परत निकाल दिया जाता है। इससे हाइपोपिगमेंटेशन अर्थात त्वचा का रंग बदलना जैसी समस्या नहीं आती। इसे लेज़र पील या लेज़र वेपोराईज़ेशन भी कहा जाता है। लड़के अब नहीं होगें झुर्रियों से परेशान: उपाय


चेहरे की झुर्रियां : मेडिकल (चिकित्सा) उपचार

1) अल्फा हाईड्राक्सी एसिड्स (एएचए): ये दूध और फलों की शर्करा से प्राप्त किये जाते हैं तथा क्योंकि इनमें त्वचा में आसानी से समा जाने की क्षमता होती है अत: इनका उपयोग त्वचा की देखभाल करने वाले अनेक उत्पादों में किया जाता है। ग्लायकोलिक और लेक्टिक एसिड सबसे अधिक उपयोग में आने वाले एएचए हैं। एक बार लगाने पर वे त्वचा की ऊपरी सतह पर क्रिया करते हैं तथा नई त्वचा कोशिकाएं बनाते हैं जिससे त्वचा एक समान और चिकनी हो जाती है।

2) विटामिन ए एसिड : विटामिन ए युक्त क्रीम झुर्रियों के उपचार में सहायक होती हैं। हालाँकि पहले लालिमा या त्वचा के छिलके निकलने जैसी समस्याएं आ सकती हैं परंतु यदि उपचार उचित चिकित्सा मार्गदर्शन में किया जाए तो इससे त्वचा के लिए अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं।

चेहरे की झुर्रियां : प्राकृतिक उपचार

इनका प्रमुख उद्देश्य चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को रोकना हैं:

1)शहद, क्रीम और ऑलिव ऑइल (जैतून का तेल) के तेल के मिश्रण को चेहरे पर लगायें। यह त्वचा पर झुर्रियां आने से रोकता है।

2)दिन में कई बार चेहरे पर नींबू का रस लगाने से महीन रेखाएं और दाग हल्के हो जाते हैं।

3)हल्दी और गन्ने के रस को मिलाएं तथा इस पेस्ट को त्वचा पर कुछ मिनिट लगा कर रखें।

4)चेहरे को बहुत अधिक न धोएं क्योंकि इससे चेहरे का प्राकृतिक तेल निकल जाता है और इसके कारण चेहरे पर पतली महीन रेखाएं (झुर्रियां) आ जाती हैं।

5)धूम्रपान न करें क्योंकि इसके कारण त्वचा में रक्त प्रवाह कम हो जाता है जिसके कारण झुर्रियां आ जाती हैं।

6)संतुलित भोजन करें और प्रतिदिन बहुत सारा पानी पीयें।

7)मॉस्चराइज़र का उपयोग करें तथा धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें।

Story first published: Friday, March 28, 2014, 13:00 [IST]
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