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साबुन छोडिये और लगाइये शावर जैल
पुराने समय से ही लोग साबुन का प्रयोग करते आ रहें हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे शावर जैल का क्रेज बढ़ता जा रहा है। लोग बाल्टी के पानी से कम और बाथ टब में शावर जैल डाल कर ज्यादा नहाना पसंद करने लगे हैं। रोज की ये भाग-दौड़ और प्रदूषित वातावरण, हमारे शरीर को गंदा कर देता है, जिसके लिये हम रोज साबुन लगा कर नहाते हैं। लेकिन रोज-रोज साबुन का प्रयोग करना क्या हमारे शरीर और त्वचा के लिये अच्छा होता है? इसी बात को जानने के लिये चलिये देखते हैं कि साबुन और शावर जैल में क्या फर्क होता है और कौन सा प्रोडक्ट हमारे शरीर और त्वचा के लिये अच्छा होता है-

शावर जैल और साबुन में अंतर-
1 जैल शरीर को रूखा नहीं बनाता- वे लोग जो साबुन का इस्तमाल करते हैं, नहाने के बाद उनके शरीर पर पानी की बूंदे दिखाई पड़ती हैं बजाए उनके जो जैल का प्रयोग करते हैं। साबुन त्वचा के लिये कठोर होता है, लेकिन जैल स्किन को सौम्य बनाता है। इसके अलावा शावर जैल को बस जरा सा इस्तमाल करने पर बहुत सा झाग होता है, लेकिन साबुन को कई बार रगड़ने से ही झाग पैदा होता है, जिससे साबुन आकपी पॉकेट पर महंगा पड़ता है।
2 स्किन इन्फेक्शन नहीं होता- कहते हैं कि हर घर में सबका साबुन अलग-अलग होना चाहिये वरना इससे त्वचा रोग होने की संभावना पैदा हो जाती है। लेकिन यह बात शावर जैल के मामले में गलत है। बाजार में मिलने वाला हर शावर जैल बॉटल में आता है, जिसे केवल दबा कर निकालना ही पड़ता है। इसलिये स्किन इन्फेक्शन होने का कोई खतरा नहीं होता।
3 शरीर की सफाई होती है- जब जैल को लूफा में मिला कर शरीर पर रगड़ा जाता है, तो शरीर से मैल साफ होती है। लेकिन कई लोग बस साबुन को ही अपने शरीर से मलते रह जाते हैं और सोंचते हैं कि उनका शरीर साफ हो गया। जैल में अरोमा होता है, जिससे अच्छी खुशबू पैदा होती है और कीटाणु दूर होते हैं।
4 त्वचा को बनाए कोमल- हर शावर जैल में कुछ न कुछ ऐसी सामग्रियां होती हैं जो त्वचा को कोमल बनाने के साथ कीटाणुओं से भी लड़ती है। जैसे की मिंट, जो शरीर को जरुरी प्रोटेक्शन प्रदान करता करती है।



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