Latest Updates
-
Akshay Tritiya 2026: 19 या 20 अप्रैल, कब है अक्षय तृतीया? जानें सोना-चांदी खरीदने का महामुहूर्त -
इस राज्य में प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ पतियों का भी होगा 'HIV' टेस्ट, इस गंभीर बीमारी की भी होगी जांच -
आपकी जीभ देगी Fatty Liver के संकेत? एक्सपर्ट से जानें पहली स्टेज के 5 शुरुआती लक्षण -
Brinjal Benefits: छोटे, लंबे या सफेद बैंगन; जानें आपकी सेहत के लिए कौन सा है सबसे बेस्ट? -
Babu Jagjivan Ram Jayanti: राजनीति के 'चाणक्य' थे बाबू जगजीवन राम, जयंती पर पढ़ें उनके अनमोल विचार और संदेश -
Happy Easter Wishes Jesus: प्रभु यीशु के पुनर्जन्म की मनाएं खुशियां, अपनों को भेजें ईस्टर संडे के संदेश -
Aaj Ka Rashifal 5 April 2026: मकर और कुंभ राशि वालों को मिलेगा सरप्राइज, सिंह राशि वाले रहें सावधान -
Samudrik Shastra: दांतों के बीच का गैप शुभ होता है या अशुभ? जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र -
रास्ते में अर्थी दिखना शुभ होता है या अशुभ? जानें शवयात्रा दिखने पर क्या करना चाहिए -
Sweet vs Bitter Cucumber: काटने से पहले ऐसे पहचानें खीरा कड़वा है या मीठा? अपनाएं ये 4 जादुई ट्रिक्स
दुल्हन बनने वाली हैं तो सजें साउथ इंडियन ब्राइड की स्टाइल में
आज, हम विशेष रूप दक्षिण भारतीय दुल्हन परिधान पर प्रकाश डालेंगे। साउथ इंडियन ब्राइडल वेयर बेहद सुंदर और आकर्षक होते हैं। उत्तर भारत की अपेक्षा वे ज्यादा साधारण होते हैं लेकिन उनका पहनना और सादगी ही उनकी पहचान होती है। उनकी ड्रेस के साथ आर्टिफिशियल नहीं बल्कि प्योर गोल्ड की ज्वैलरी ही पहनी जाती है।
READ: खूबसूरत लगना है तो अपनाइये साउथ इंडियन ब्यूटी टिप्स
दक्षिण भारत ही शादी में सफेद और गोल्डन पट्टी वाली साड़ी ही पहनी जाती है। वैसे, इन दिनों कई दुल्हनें, लाल और हरी रंग की साड़ी भी पहनने लगी हैं। ये सभी साडि़यां सिल्क की होती है। आइए जानते हैं दक्षिण भारतीय शादी में दुल्हनों के परिधान के बारे में:

कांजीवरम सिल्क साड़ी: जिस तरह उत्तर भारत में बनारसी साड़ी को जरूरी मानते हैं उसी प्रकार, दक्षिण भारत में कांजीवरम सिल्क साड़ी को ही प्राथमिकता दी जाती है और इसी साड़ी में शादी होती है। पहले समय में सफेद में गोल्डन पट्टे वाली साड़ी को पहनाकर ही शादी होती थी लेकिन अब आधुनिक दुल्हनें कई और रंगों की कांजीवरम भी पहनने लगी हैं।

लक्ष्मी हार: दक्षिण भारत की हर दुल्हन को लक्ष्मी हार पहनना आवश्यक होता है। साड़ी भले ही साधारण हों, लेकिन गहने बहुत रॉयल होने चाहिए। लक्ष्मी हार, भारी सोने की चैन होती है जिसमें लक्ष्मी जी का पैंडेंड पड़ा हुआ होता है। दुल्हन इसमें अपनी मर्जी के हिसाब से चैन को बढ़वा सकती है।

जादा बिल्लाउ: यह एक प्रकार का धातु का टुकड़ा होता है जिसे दुल्हन के बालों में सजाया जाता है। इससे जूड़ा बनाया जाता है या फिर चोटी बनाने में भी इसे इस्तेमाल करते हैं। इसे लगाने से दक्षिण भारतीय दुल्हनों के बालों की शोभा बढ़ जाती है।

चमेली के फूल: दक्षिण भारत में चमेली के फूलों का गज़रा बहुत बिकता है और वहां की स्त्रियों के बीच इसे लगाने का रिवाज है। स्त्रियों अपने बालों के जू़ड़े पर इसे अच्छी तरह लगाती हैं।

मांग टीका: मांग टीका काफी जरुरी ब्राइडल ज्वेलरी है। जहां मॉर्डन दुल्हने केवल एक सिंग चेन में जड़ा हीरे वाला मांग टीका पहनना पसंद करती हैं वहीं ट्रेडिशनल दुल्हने भारी और डिजाइनर मांग टीका पहनती हैं।



Click it and Unblock the Notifications











