Latest Updates
-
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब
Parrot Fever Outbreak : क्या है तोता बुखार, जिससे संक्रमित होने पर गई 5 लोगों की जान
Parrot Fever Outbreak : यूरोप के कई देशों में तोता बुखार यानी Parrot Fever खतरा बनकर मंडरा रहा है। खबरों के मुताबिक इस खतरनाक बीमारी ने अभी तक 5 लोगों की जान ले ली है।
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन ) के मुताबिक डेनमार्क में 4 लोग और नीदरलैंड में एक ने इस बीमारी के चलते दम तोड़ दिया है। इसके अलावा ऑस्ट्रिया, जर्मनी और स्वीडन से भी इसके कई मामले मिले हैं। हालांकि WHO ने इस बीमारी के खतरे को भांपते हुए फिलहाल इसे 'Low' कैटेगरी में रखा है।

CNCN ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से इस बात की पुष्टि की है कि पैरेट फीवर को सिटाकोसिस (Psittacosis) के नाम से भी जाना जाता है। साल 2023 की शुरुआत में भी इससे जुड़े कई मामले देखने कोमिले थे और अब साल 2024 में आने के बाद इस खतरनाक बीमारी की वजह से 5 लोगों की जान चली गई है। आइए जानते हैं डिटेल में इस बीमारी के बारे में-
क्या होता है पैरेट फीवर?
पैरेट फीवर एक प्रकार का संक्रमण है जो क्लैमाइडिया संक्रमण के वजह होता है। यह जंगली पक्षियों जैसे मुर्गे और कुछ पालतू जानवरों की वजह से फैलता है।
यह सांस के जरिए फैलने वाला संक्रमण है। दरअसल, जब यह पक्षी सांस लेते हैं या फिर मलत्याग करते हैं तो उनसे बैक्टीरिया निकलते हैं। इन संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने की वजह से ये बीमारी होती है।
पैरेट फीवर के लक्षण
इस बीमारी के संक्रमण में आने से बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, ड्राई कफ और ठंड लगने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
डब्लूएचओ ने बचाव के दी ये सलाह
इस बीमारी की वजह से यूरोप में खतरा मंडरा रहा है। WHO के मुताबिक डेनमार्क में अब तक इस संक्रमण के 23 मामले मिल चुके हैं। WHO ने पशु-पालन करने वालों को साफ सफाई का ध्यान रखने और डॉक्टरों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications