Latest Updates
-
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें; वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित
क्या हैं ओलियंडर के फूल जिसके जहर से हुई नर्स की मौत, अब केरल के मंदिरों में इसके इस्तेमाल पर लगा बैन
Why Kerala Temples banned oleander flowers : केरल में इन दिनों ओलियंडर यानी अरली का फूल चर्चा में बना हुआ है। 29 अप्रैल को केरल के अलाप्पुझा में एक नर्स ने गलती से ओलियंडर यानी अरली के फूल की पत्तियों को चबाने से शरीर में जहर फैल गया। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। केरल के फोरेंसिक सर्जन ने भी इस बात की पुष्टि की थी।
दो दिन पहले पथानामथिट्टा में ओलियंडर की पत्तियां खाने से एक गाय और बछड़े की मौत होने की भी खबरें आई थीं। जिसके बाद ये फैसला लिया गया। यह मामला सामने आने के बाद से इन फूलों की जहरीली प्रकृति को देखते हुए त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) और मालाबार देवास्वोम बोर्ड ने करीब 2500 मंदिरों में इस फूल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड का कहना है कि इन फूलों से मनुष्यों और जानवरों को नुकसान पहुंच सकता है।

एक्सपर्ट की मानें तो सिर्फ ओलियंडर ही नही इसके फूल, तना और पत्तियां तीनों ही इंसान के लिए जहरीली साबित हो सकती है। आइए जानते हैं ये कितना खतरनाक साबित हो सकता है ओलियंडर का फूल?
ओलियंडर का फूल कितना जहरीला साबित हो सकता है?
ओलियंडर के फूलों को साउथ में अरली और नार्थ इंडिया में कनेर के फूल के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में नैवेद्य में और पूजा में चढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता है। दक्षिण के मंदिरों में इस फूलों का काफी इस्तेमाल किया जाता है।
इन फूलों और पौधे में पाया जाने वाला ग्लायकोसाइड केमिकल जहरीला होता है। शरीर में इसकी हल्की सी मात्रा पहुंचने पर भी यह हार्ट और पेट पर असर करता है। गलती से मुंह पर चले जाने से सबसे पहले यह केमिकल दिल की धड़कन को धीमा करता है। नतीजा इंसान की मौत हो जाती है।
स्किन पर लगाना भी खतरनाक
इस फूल के रस को स्किन पर लगाने से चकत्ते पैदा हो सकते हैं और इसकी पत्ती, तना या बीज जानलेवा साबित हो सकते हैं। यह फूल किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं, इस फूल का रस स्किन प्रॉब्लम्स की वजह बन सकता है।
नजर आ सकते हैं ये लक्षण
ओलियंडर का फूल शरीर में पहुंचने पर ये लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे आंखों की रोशनी जाना। डायरिया, भूख न लगना, पेट में दर्द होना, डिप्रेशन, बेचैनी, भ्रम, बेहोशी, और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देने।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











