Latest Updates
-
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा
क्या हैं ओलियंडर के फूल जिसके जहर से हुई नर्स की मौत, अब केरल के मंदिरों में इसके इस्तेमाल पर लगा बैन
Why Kerala Temples banned oleander flowers : केरल में इन दिनों ओलियंडर यानी अरली का फूल चर्चा में बना हुआ है। 29 अप्रैल को केरल के अलाप्पुझा में एक नर्स ने गलती से ओलियंडर यानी अरली के फूल की पत्तियों को चबाने से शरीर में जहर फैल गया। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। केरल के फोरेंसिक सर्जन ने भी इस बात की पुष्टि की थी।
दो दिन पहले पथानामथिट्टा में ओलियंडर की पत्तियां खाने से एक गाय और बछड़े की मौत होने की भी खबरें आई थीं। जिसके बाद ये फैसला लिया गया। यह मामला सामने आने के बाद से इन फूलों की जहरीली प्रकृति को देखते हुए त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) और मालाबार देवास्वोम बोर्ड ने करीब 2500 मंदिरों में इस फूल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड का कहना है कि इन फूलों से मनुष्यों और जानवरों को नुकसान पहुंच सकता है।

एक्सपर्ट की मानें तो सिर्फ ओलियंडर ही नही इसके फूल, तना और पत्तियां तीनों ही इंसान के लिए जहरीली साबित हो सकती है। आइए जानते हैं ये कितना खतरनाक साबित हो सकता है ओलियंडर का फूल?
ओलियंडर का फूल कितना जहरीला साबित हो सकता है?
ओलियंडर के फूलों को साउथ में अरली और नार्थ इंडिया में कनेर के फूल के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में नैवेद्य में और पूजा में चढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता है। दक्षिण के मंदिरों में इस फूलों का काफी इस्तेमाल किया जाता है।
इन फूलों और पौधे में पाया जाने वाला ग्लायकोसाइड केमिकल जहरीला होता है। शरीर में इसकी हल्की सी मात्रा पहुंचने पर भी यह हार्ट और पेट पर असर करता है। गलती से मुंह पर चले जाने से सबसे पहले यह केमिकल दिल की धड़कन को धीमा करता है। नतीजा इंसान की मौत हो जाती है।
स्किन पर लगाना भी खतरनाक
इस फूल के रस को स्किन पर लगाने से चकत्ते पैदा हो सकते हैं और इसकी पत्ती, तना या बीज जानलेवा साबित हो सकते हैं। यह फूल किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं, इस फूल का रस स्किन प्रॉब्लम्स की वजह बन सकता है।
नजर आ सकते हैं ये लक्षण
ओलियंडर का फूल शरीर में पहुंचने पर ये लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे आंखों की रोशनी जाना। डायरिया, भूख न लगना, पेट में दर्द होना, डिप्रेशन, बेचैनी, भ्रम, बेहोशी, और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देने।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
