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कर्नाटक में गोलगप्पे में मिले कैंसर पैदा करने वाले केमिकल, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ऐसा ही शायद कोई होगा जिसे गोल गप्पे पसंद नहीं होगा। इसके चट्टपटे स्वाद का हर कोई दिवाना है। लेकिन हाल ही में इसे लेकर एक दिल तोड़ने वाली खबर सामने आई है। दरअसल खाने-पीने की चीजों पर नजर रखने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था FSSAI ने कर्नाटक के अलग-अलग जगहों से पानी पूरी के 260 सैंपल इक्ट्ठे किए जिसमें से 41 में आर्टिफिशियल कलर और संभावित रूप से कैंसर पैदा करने वाले रसायन पाए गए, जो उन्हें खाने के लिए असुरक्षित बनाते हैं।
18 अन्य सैम्पल भी खराब गुणवत्ता के पाए गए जिन्हें खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। इनमे ब्रिलियंट ब्लू, सनसेट येलो और टार्ट्राजिन जैसे केमिकल मौजूद थे। जो कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का कारण बन सकते हैं।

गोल गप्पे खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- मानसून में सड़क किनारे से गोलगप्पे खाने से परहेज करें।
- पानीपुरी में दिए जाने वाले पानी की गुणवत्ता जांच लें। ज्यादातर स्ट्रीट वेडर्स गंदे पानी का इस्तेमाल करते हैं।
- गोल गप्पे का पानी अगर ज्यादा खट्टा हो तो उसे खाने से परहेज करें।
- अगर गोल गप्पे का पानी आपको हल्के भूरे रंग के अलावा हरा या पीला नजर आए तो उसे खाने से बचें। इनमें आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल हो सकता है।
कितने खतरनाक हैं गोल गप्पे में मिलाए जाने वाले आर्टिफिशियल रंग
चटख नीला या ब्रिलियंट ब्लू : यह एक आर्टिफिशियल कलर है जिसका इस्तेमाल अक्सर खाने को रंगने और कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट में होता है। इसके सेवन से खाने से त्वचा में एलर्जी, पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सूर्यास्त पीला (सनसेट यलो) के खतरे
यैलो सनसेट: यह भी एक आर्टिफिशियल कलर है, जिनका इस्तेमाल पोस्टर रंगने या प्रिंटिंग से संबंधित कामों में होता है। जिससे त्वचा पर लाल चकत्ते और खुजली जैसी एलर्जी हो सकती है।
टार्टराज़ीन : यह पेट्रोलियम प्रॉडक्ट जैसे आर्टिफिशियल कलर है जिसका इस्तेमाल एडिबल पदार्थों को अट्रेक्टिव बनाने में किया जाता है। इससे एलर्जी, अस्थमा, स्किन एलर्जी और कैंसर होने का खतरा रहता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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