Latest Updates
-
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसे में, यदि आप भी इस पावन महीने में शिवलिंग का अभिषेक करने जा रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि अभिषेक की सही विधि क्या है? आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

शिवलिंग पर अभिषेक करने की सही विधि
सबसे पहले जल से करें अभिषेक
अभिषेक की शुरुआत हमेशा शुद्ध जल से करनी चाहिए। तांबे या पीतल के पात्र में जल भरकर शिवलिंग पर धीरे-धीरे अर्पित करें। जल चढ़ाते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
इसके बाद पंचामृत या दूध अर्पित करें
जल के बाद शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाया जाता है। पंचामृत दही, दूध, घी, शहद और चीनी से तैयार किया जाता है। यदि पंचामृत उपलब्ध न हो तो गाय का कच्चा दूध भी अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद एक बार फिर शुद्ध जल या गंगाजल से शिवलिंग को स्नान कराएं और हल्के हाथों से पोंछ लें।
चंदन अर्पित करें
शिवलिंग को हल्के हाथों से पोंछ लें और शिवलिंग पर सफेद या पीले रंग का चंदन लगाएं।
बेलपत्र और फूल चढ़ाएं
चंदन लगाने के बाद भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें। इसके साथ धतूरा, भांग, मदार के फूल और शमी के पत्ते भी चढ़ाएं। ये सभी वस्तुएं भगवान शिव को प्रिय मानी जाती हैं।
अक्षत और जनेऊ अर्पित करें
इसके बाद शिवलिंग पर अक्षत (साबुत चावल) और जनेऊ अर्पित करें।
भोग लगाएं
पूजा के अंत में भगवान शिव को पान का पत्ता, सुपारी, इलायची, मौसमी फल और मिठाई का भोग अर्पित करें। इसके बाद कुछ देर भगवान का ध्यान करें।
धूप-दीप से आरती करें
अंत में धूप, दीप और कपूर जलाकर भगवान शिव की आरती करें। यदि समय हो तो शिव चालीसा या शिव मंत्रों का पाठ भी कर सकते हैं।
शिव पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
उत्तर दिशा की ओर मुख रखें
शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय यथासंभव आपका मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इसे शुभ माना जाता है।
धीमी धार से जल चढ़ाएं
जल हमेशा पतली और लगातार धार में अर्पित करें। एक साथ पूरा जल शिवलिंग पर डालने की बजाय धीरे-धीरे अभिषेक करना बेहतर माना गया है।
इन चीजों का प्रयोग न करें
शिव पूजा में हल्दी, तुलसी के पत्ते, केतकी का फूल और सिंदूर अर्पित नहीं किए जाते। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये सामग्री भगवान शिव की पूजा में वर्जित मानी गई है।
शंख से अभिषेक न करें
शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाने के लिए शंख का उपयोग नहीं करना चाहिए। अभिषेक के लिए लोटा या अन्य पात्र का इस्तेमाल किया जाता है।
बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका
भगवान शिव को हमेशा बिना कटे और साफ बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र इस तरह चढ़ाएं कि उसका चिकना हिस्सा शिवलिंग को स्पर्श करें।



Click it and Unblock the Notifications
