Latest Updates
-
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार
Chhath Puja 2024: खरना के दिन बनाया जाता रसियाव भात क्या है, पौष्टिकता का भंडार हैं ये प्रसाद
बिहार और झारखंड का लोकप्रिय त्योहार छठ महापर्व का 5 नवंबर से नहाय खाय के साथ शुरुआत हो चुक है। अब 6 नवंबर को छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना के रुप में मनाया जाता है। जहां महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और पूजा-पाठ किया जाता है। इसके अलावा इस दिन महिलाए खासतौर पर रसियाव भात बनाती हैं और छठी मैय्या को भोग लगाती हैं।
यह प्रसाद जिसे चावल या दरदरे गेंहू से बनाया जाता है और इस खीर को मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता है और फिर केले के पत्ते पर रखकर ही भोग लगाया जाता है। भोग में रोटी बनाकर उसमें खूब घी लगाकर फिर खीर रखकर भगवान को चढाया जाता है। आइए जानते हैं इस प्रसाद की खासियत और इसे बनाने का तरीका।

रसियाव भात को खाने के फायदे
रसियाव भात को मुख्यत दरदरा गेहूं और गुड़ से बनाया जाता है, इसके अलावा इस खीर तके सूखे मेवों के साथ मिलाकर खाने से इसका पोषण और भी अधिक बढ़ जाता है।
- दरदरा गेहूं में फाइबर अधिक होता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में सहायक है। यह कब्ज की समस्या से राहत दिला सकता है और आंतों को स्वस्थ रखता है।
- गेहूं और ड्रायफ्रूट्स में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। दरदरा गेहूं की खीर खाने से ऊर्जा का अच्छा स्रोत मिलता है, जिससे दिनभर ताजगी बनी रहती है।
- इस प्रसाद में मौजूद फाइबर पेट को भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे भूख कम लगती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह वजन घटाने में मदद कर सकता है।
- कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर यह प्रसाद हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। दरदरा गेहूं की खीर नियमित रूप से खाने से हड्डियों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
- दरदरा गेहूं धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
दरदरा गेहूं और गुड़ आयरन का अच्छा स्रोत है, जो खून की गुणवत्ता को बढ़ाता है और शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
रसियाव भात बनाने की रेसिपी
सामग्री
चावल - 1 कप (भीगे हुए)
गुड़ - 1 कप (कद्दूकस किया हुआ या टुकड़ों में)
पानी - 3 कप
देसी घी - 1-2 बड़े चम्मच
लौंग - 2-3
छोटी इलायची - 2-3 (दरदरी पीसी हुई)
सूखे मेवे - बादाम, काजू, किशमिश (इच्छानुसार)
बनाने का तरीका
सबसे पहले, चावल को धोकर 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इससे चावल पकाने में आसानी होगी। एक पैन में पानी गरम करें और उसमें गुड़ डालकर उसे अच्छे से घुलने दें। जब गुड़ पानी में घुल जाए, तो इसे छान लें ताकि किसी प्रकार गंदगी या कचरा होगा, तो अलग हो जाएगा।
अब एक बर्तन में घी गरम करें। उसमें लौंग और इलायची डालें, इसके बाद भीगे हुए चावल डालें और कुछ मिनट के लिए भूनें, अब छना हुआ गुड़ का पानी डालें और अच्छी तरह मिला लें। मध्यम आंच पर इसे पकने दें। जब चावल लगभग पक जाएं और पानी सूखने लगे, तब इसे धीरे-धीरे हिलाएं ताकि चावल टूटें नहीं। अंत में, सूखे मेवे डालें और मिश्रण को ढककर धीमी आंच पर 5-10 मिनट के लिए पकने दें ताकि सभी स्वाद अच्छी तरह मिल जाएं। गैस बंद करें और चावल को कुछ मिनट के लिए ढका रहने दें। रसियाव भात तैयार है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











