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इंडोनेशिया में पैदा हुए तीन पैर-चार हाथ वाले मकड़ी जैसे बच्चें, इस दुर्लभ मामले को देख डॉक्टर भी हैरान
घर में जब किलकारियां गूंजने वाली होती हैं तो पूरे परिवार में खुशियों का माहौल छा जाता है। अगर बच्चे जुड़वा हों तो यही खुशियां दोगुनी हो जाती हैं। जुड़वा बच्चों का जन्म लेना कोई नई बात नहीं है। वर्षों से पूरी दुनिया में लाखों-करोड़ों जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ है। लेकिन कभी-कभी जुड़वा बच्चे आपस में जुड़े होते हैं और ऐसे में उनके लिए सामान्य जीवन जीना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अक्सर ऐसे बच्चे बहुत अधिक उम्र तक नहीं जी पाते हैं।
ऐसा ही एक दुर्लभ मामला इंडोनेशिया में सामने आया। यहां पर जन्मे जुड़वा बच्चे बिल्कुल मकड़ी की तरह दिखाई देते हैं। ये दोनों बच्चे पेट से आपस में एक-दूसरे से जुड़े हैं और इनके तीन पैर और चार हाथ हैं। जिसकी वजह से ये देखने में एक मकड़ी की तरह नजर आते हैं।

इन दोनों के ब्लेडर और इंटेंस्टाइन भी अलग-अलग ना होकर एक ही हैं। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा मामला बेहद ही दुर्लभ है और लगभग 20 लाख प्रेग्नेंसी में सिर्फ एक ही मामला ऐसा होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम विस्तारपूर्वक इनके बारे में जानेंगे-
2018 में हुआ था जन्म
इन जुड़वा बच्चों का जन्म 2018 में हुआ था। जब ये बच्चे पैदा हुए तो इनके तीन पैर और चार हाथ थे। ये देखने में किसी मकड़ी की भांति थे। दोनों लड़कों के ऊपरी अंग काम कर रहे हैं। डॉक्टर बताते हैं कि केवल मुट्ठी भर तथाकथित इस्चियोपैगस ट्रिपस जुड़े हुए जुड़वा बच्चों को रिकॉर्ड किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि 50,000 से 200,000 जन्मों में से एक जुड़ा हुआ जुड़वां होता है और दो-तिहाई मामलों में कम से कम एक जुड़वां या तो मर जाता है या मृत पैदा होता है।
इस्चियोपैगस ट्रिपस क्या होता है?
दुनियाभर में जुड़वा बच्चों का आपस में जुड़े होने की खबरें सामने आई हैं। लेकिन इस्चियोपैगस ट्राइपस एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें जुड़वां बच्चे पेल्विस और पेट से जुड़े होते हैं। ये एक प्रकार का जुड़ा हुआ जुड़वां बच्चा होता है जिसमें दोनों जुड़वाँ बच्चों की पेल्विक हड्डियाँ जुड़ती हैं। इस्चियोपैगस का मतलब होता है पेल्विक हड्डी और ट्रिपस का मतलब होता है तीन टांगों वाला। ये स्थिति बहुत ही असामान्य है और इसका इलाज चुनौतीपूर्ण होता है।
जुड़वा बच्चों का हुआ ऑपरेशन
इंडोनेशिया में सामने आए इस दुर्लभ मामले में डॉक्टरों को एक बड़ी सफलता मिली है। ये बच्चे तीन साल की उम्र तक बैठने में असमर्थ थे और ऐसे में उन्हें सीधे लेटने के लिए मजबूर किया जाता था। बाद में, सर्जन द्वारा जुड़वां बच्चों में से एक के पैर को काटा गया, जिससे उन्हें सीधा खड़ा होने में आसानी हो। सर्जरी के दौरान या ऑपरेशन के तीन महीने बाद तक जुड़वा बच्चों को किसी तरह की कॉम्पलीकेशन का सामना नहीं करना पड़ा। अमेरिकन मेडिकल जर्नल रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन के बाद लड़के अधिक चलने-फिरने में सक्षम थे और इसी तरह के सफल ऑपरेशन की बहुत कम रिपोर्टें हैं।
परिवार को नहीं थी उम्मीद
इन जुड़वा बच्चों के पैरेंट्स या परिवार को इस अति दुर्लभ घटना की उम्मीद नहीं थी। और जन्मजात विसंगतियों का कोई पारिवारिक इतिहास नहीं था। इस परिवार में पहले से ही दो अन्य बच्चे हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला ने किसी तरह के सप्लीमेंट, दवाओं या हर्बल काढ़े का सेवन नहीं किया था। बच्चों के जन्म से पहले के हफ्तों में कोई महत्वपूर्ण घटना या बीमारी भी नहीं हुई थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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