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क्या आप भी पीते हैं तांबे के बर्तन का पानी? जानें इसके फायदे, नुकसान और 5 जरूरी टिप्स
Copper Water Benefits and Side Effects: आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखे पानी को अमृत के समान माना गया है। जहां पहले के समय में पीतल, तांबे और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के घरों में चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल होता था। वहीं अब इन बर्तनों की जगह नॉन-स्टिक, स्टील और एल्युमिनियम के बर्तनों ने ले ली है। यही वजह है कि कई तरह की बीमरियों नेभी अपने पैर पसार लिए हैं। हालांकि फिर से लोगों ने तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और प्लास्टिक की बोतल की जगह कॉपर की बोतलों ने ले ली है। विज्ञान भी मानता है कि तांबे में 'ओलिगोडायनामिक' गुण होते हैं, जो पानी के हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर उसे शुद्ध बना देते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से तांबे के बर्तन में पानी पीना सेहत को सुधारने की जगह बिगाड़ भी सकता है। यदि आप भी सुबह उठकर तांबे का पानी पीते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। आइए जानते हैं तांबे के बर्तन में पानी रखने और पीने के वे 5 जरूरी नियम, जिन्हें नजरअंदाज करना लिवर और किडनी पर भारी पड़ सकता है।

तांबे के बर्तन में पानी पीने के अद्भुत फायदे
पाचन में सुधार
तांबे के बर्चन में पानी पीने से पाचन तंत्र में सुधार आता है और ये पेट की मांसपेशियों के संकुचन और विश्राम में मदद करता है, जिससे गैस, कब्ज और एसिडिटी की समस्या दूर होती है। अगर आपको पेट संबंधी परेशानी है तो आपके लिए तांबे के बर्तन का पानी अच्छा साबित हो सकता है।
वजन घटाने में सहायक
आज के समय में मोटापा एक आम समस्या बन गया है। ऐसे में तांबे के बर्तन का पानी आपके लिए लाभदायक हो सकता है क्योंकि इसमें शरीर के एक्स्ट्रा फैट (Fat) को तेजी से बर्न करने में मदद करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। आप भी वजन घटाने के लिए तांबे के बर्तन का पानी पी सकते हैं।
संक्रमण से बचाव
तांबे में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण पानी को कीटाणुमुक्त करते हैं और पेट के इन्फेक्शन को रोकते हैं। यही वजह है कि पहले के समय में बीमारियां इतनी अधिक नहीं थी जितनी आज के समय में है।
हार्ट हेल्थ और कोलेस्ट्रॉल
तांबे के बर्तन का पानी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होता है। जिन लोगों को ये दो समस्याएं हैं उनके लिए ये पानी अच्छा है।
तांबे के बर्तन में पानी रखने के 5 जरूरी नियम
तांबे के बर्तन का पानी पीना अच्छा होता है ये तो आपने जान लिया अब ये जान भी जानना जरूरी है कि पानी रखने का सही नियम क्या है? जो बहुत से लोगों को नहीं पता है।
कम से कम 8 घंटे रखें पानी
तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे पानी जरूर रखें क्योंकि तांबे को गुणों को पानी में घुलने में समय लगता है। ऐसे में रातभर पानी भरकर रखें और सुबह खाली पेट पिएं।
जमीन पर न रखें बर्तन
अगर आप भी तांबे के बर्तन में पानी भरकर जमीन पर रख देते हैं तो ये गलत है। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि तांबे के बर्तन को लकड़ी की मेज या स्टैंड पर ही रखें क्योंकि सीधे जमीन पर पानी रखने से उसकी ऊर्जा का क्षय हो जाता है।
खट्टा पदार्थ कभी न डालें
इस बात का खास ध्यान रखें कि तांबे के बर्तन में कभी भी नींबू पानी, छाछ, शहद या दूध डालकर न पिएं। दरअसल तांबा खट्टे पदार्थों के साथ रियेक्ट करके कॉपर पॉइजनिंग पैदा कर सकता है।
लगातार सेवन से बचें
अगर आप लगातार तांबे के बर्तन में पानी पी रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि ऐसा करना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। हर 3 महीने में कम से कम 15-20 दिन के लिए ये पानी पिएं और फिर ब्रेक लें वरना इससे शरीर में कॉपर की अधिकता हो सकती है।
सफाई का रखें ध्यान
तांबे के अंदर की सतह पर अक्सर हरी परत (Copper Oxide) जम जाती है जो शरीर के लिए हानिकारक होती है। ऐसे में सफाई का खास ध्यान रखें और इसे नियमित रूप से नींबू और नमक से साफ करें, वरना यह पानी को जहरीला बना सकती है।
किसे नहीं पीना चाहिए तांबे का पानी? (Who Should Avoid copper water)
जिन लोगों को किडनी या लिवर की गंभीर समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना इसे नहीं पीना चाहिए।
यदि आपको पेट में अल्सर या एसिडिटी की बहुत ज्यादा समस्या रहती है, तो तांबे का पानी स्थिति को और बढ़ा सकता है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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