Latest Updates
-
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है -
कश्मीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा
इस बीमारी की वजह से अरविंद केजरीवाल का 12 दिन में घटा 4.5 किलो वजन, जानें कब साबित हो सकती है जानलेवा
Arvind Kejriwal Weight Lose Due to Hypoglycemia: तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाज के स्वास्थ्य को लेकर नया खुलासा हुआ है। दरअसल दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी मर्लेना ने दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद पिछले 12 दिनों में जेल में उनका वजन 4.5 किलो कम हो गया है। ED ने 21 मार्च को जब केजरीवाल को कस्टडी में लिया था, तब उनका वजन 69.5 kg था। अब 65 kg हो गया है।
उनकी पार्टी की मंत्री आतिशी ने बताया कि वो हाइपोग्लाइसीमिया के गंभीर मरीज हैं। दिन में कई बार उनका ब्लड शुगर लेवल मॉनिटर होता है। जिसके अनुसार उन्हें इंसुलिन इंजेक्शन और डाइट लेनी पड़ती है।

जानकारी के मुताबिक हिरासत में केजरीवाल का ब्लड शुगर लेवल तीन बार गिर चुका है और एक बार 46 mg/dL तक पहुंच गया था। हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में 50 mg/dL से नीचे ब्लड शुगर जानलेवा साबित हो सकता है।आइए जानते हैं कि हाइपोग्लाइसीमिया क्या है और वेटलॉस से इसका कनेक्शन और इस बीमारी के लक्षण और इलाज-
हाइपोग्लाइसीमिया क्या है? (What is Hypoglycemia)
जब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा सामान्य से घटकर कम हो जाती है तो उसे लो ब्लड-शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। डायबिटीज वाले लोग आमतौर पर इसका अनुभव करते हैं। खासकर अगर वे बहुत ज्यादा मात्रा में इंसुलिन या अन्य दवाएं लेते हैं, जो ब्लड शुगर को कम करती हैं, तो यह स्थिति होना आम है।
हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण
- कंपकंपी
- पसीना आना
- दिल की तेज धड़कन
- धुंधलापन
- मूड बदलना
- दौरे पड़ना
- चक्कर आना कमजोरी होना
- बेहोशी हो जाना
वजह
हाइपोग्लाइसीमिया तब होता है जब ब्लड शुगर सामान्य से नीचे गिर जाए। अगर डाइट, एक्सरसाइज और डायबिटीज की दवाओं का रुटीन असंतुलित हो जाता है, तो हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसकी दूसरी वजह भी हो सकती है जैसे-
- डायबिटीज की दवाईयों का अधिक सेवन
- समय पर डाइट नहीं लेना
- अधिक मात्रा में इंसुलिन लेना
- भूखे पेट अल्कोहल लेना
- पौष्टिक आहार में कमी

हाइपोग्लाइसीमिया में कब कम होता है वजन?
जब ब्लड शुगर 50 mg/dL से भी नीचे आ जाता है तो यह गंभीर हाइपोग्लेसेमिया माना जाता है। इस स्थिति में शुगर या ग्लूकोज लेवल बहुत कम हो जाता है ऐसे में शरीर में एनर्जी नहीं बन पाती है। इस कंडीशन में शरीर पहले से मौजूद फैट और मसल्स के जरिए एनर्जी बनाने का काम करता है। इस वजह से वजन कम होने लगता है। शुगर के मरीजों के लिए ज्यादा वजन होना और वजन में कमी आना दोनों ही स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











