इस बीमारी की वजह से अरविंद केजरीवाल का 12 दिन में घटा 4.5 किलो वजन, जानें कब साबित हो सकती है जानलेवा

Arvind Kejriwal Weight Lose Due to Hypoglycemia: तिहाड़ जेल में बंद दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाज के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर नया खुलासा हुआ है। दरअसल दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी मर्लेना ने दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद पिछले 12 दिनों में जेल में उनका वजन 4.5 किलो कम हो गया है। ED ने 21 मार्च को जब केजरीवाल को कस्टडी में लिया था, तब उनका वजन 69.5 kg था। अब 65 kg हो गया है।

उनकी पार्टी की मंत्री आतिशी ने बताया कि वो हाइपोग्लाइसीमिया के गंभीर मरीज हैं। दिन में कई बार उनका ब्लड शुगर लेवल मॉनिटर होता है। जिसके अनुसार उन्हें इंसुलिन इंजेक्शन और डाइट लेनी पड़ती है।

Delhi CM Arvind Kejriwal Lose 4 3Kg Weight In 12 Days in Tihar Jail

जानकारी के मुताबिक हिरासत में केजरीवाल का ब्‍लड शुगर लेवल तीन बार गिर चुका है और एक बार 46 mg/dL तक पहुंच गया था। हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में 50 mg/dL से नीचे ब्लड शुगर जानलेवा साबित हो सकता है।आइए जानते हैं क‍ि हाइपोग्‍लाइसीम‍िया क्‍या है और वेटलॉस से इसका कनेक्‍शन और इस बीमारी के लक्षण और इलाज-

हाइपोग्लाइसीमिया क्‍या है? (What is Hypoglycemia)

जब रक्‍त में ग्‍लूकोज की मात्रा सामान्‍य से घटकर कम हो जाती है तो उसे लो ब्‍लड-शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। डायबिटीज वाले लोग आमतौर पर इसका अनुभव करते हैं। खासकर अगर वे बहुत ज्यादा मात्रा में इंसुलिन या अन्य दवाएं लेते हैं, जो ब्लड शुगर को कम करती हैं, तो यह स्थिति होना आम है।

हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण

- कंपकंपी
- पसीना आना
- दिल की तेज धड़कन
- धुंधलापन
- मूड बदलना
- दौरे पड़ना
- चक्‍कर आना कमजोरी होना
- बेहोशी हो जाना

वजह

हाइपोग्लाइसीमिया तब होता है जब ब्‍लड शुगर सामान्‍य से नीचे गिर जाए। अगर डाइट, एक्‍सरसाइज और डायबिटीज की दवाओं का रुटीन असंतुलित हो जाता है, तो हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसकी दूसरी वजह भी हो सकती है जैसे-
- डायबिटीज की दवाईयों का अधिक सेवन
- समय पर डाइट नहीं लेना
- अधिक मात्रा में इंसुल‍िन लेना
- भूखे पेट अल्‍कोहल लेना
- पौष्टिक आहार में कमी

Arvind Kejriwal Hypoglycemia

हाइपोग्लाइसीमिया में कब कम होता है वजन?

जब ब्लड शुगर 50 mg/dL से भी नीचे आ जाता है तो यह गंभीर हाइपोग्लेसेमिया माना जाता है। इस स्थिति में शुगर या ग्लूकोज लेवल बहुत कम हो जाता है ऐसे में शरीर में एनर्जी नहीं बन पाती है। इस कंडीशन में शरीर पहले से मौजूद फैट और मसल्स के जरिए एनर्जी बनाने का काम करता है। इस वजह से वजन कम होने लगता है। शुगर के मरीजों के लिए ज्यादा वजन होना और वजन में कमी आना दोनों ही स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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