गर्मी में क्यों बढ़ जाती है पाइल्स की तकलीफ? ये हैं बवासीर को कंट्रोल करने के अचूक उपाय

How to control piles in summer: गर्मी आते ही लोगों को कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं होन लगती हैं। बहता पसीना कई तरह के इंफेक्शन की जड़ होता है और इस मौसम में डाइजेशन व पेट संबंधी परेशानियां भी बढ़ने लगती हैं। यही वजह है कि इस मौसम में बवासीर यानी पाइल्स के मरीजों की परेशानी भी काफी बढ़ जाती है। कई लोगों को गर्मियों में मल त्याग के दौरान जलन, दर्द, खुजली और खूनी बवासीर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी में पानी की कमी, कब्ज और मसालेदार भोजन पाइल्स को ट्रिगर करने का काम करते हैं। अगर समय रहते खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव न किए जाएं, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि गर्मियों में बवासीर क्यों बढ़ जाती है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इससे राहत पाने के सबसे असरदार उपाय कौन-से हैं।

क्या है पाइल्स या बवासीर?

बवासीर (Hemorrhoids) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा (Anus) और मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। यह समस्या अंदरूनी (Internal Piles) और बाहरी (External Piles) दोनों प्रकार की हो सकती है। नीचे बवासीर के सामान्य लक्षणों के बारे में बताया गया है।

मल त्याग के दौरान दर्द
खून आना
गुदा में जलन और खुजली
सूजन या गांठ महसूस होना
लंबे समय तक कब्ज रहना
बैठने में असहजता

गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है पाइल्स की समस्या?

1. शरीर में पानी की कमी

गर्मियों में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है। पानी की कमी से मल सख्त हो जाता है, जिससे कब्ज बढ़ती है और बवासीर की समस्या गंभीर हो सकती है।

2. पेट की गर्मी बढ़ना

तेज गर्मी और तला-भुना खाना शरीर में गर्मी पैदा करता है। इससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है और गुदा क्षेत्र में जलन बढ़ सकती है।

3. कब्ज की समस्या

कम पानी पीना, फाइबर की कमी और बाहर का खाना कब्ज बढ़ाता है। कब्ज बवासीर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

4. मसालेदार और जंक फूड

गर्मियों में ज्यादा मसालेदार भोजन, फास्ट फूड और तली चीजें खाने से पाइल्स के मरीजों की तकलीफ बढ़ सकती है।

5. लंबे समय तक बैठना

ऑफिस जॉब या लगातार बैठे रहने की आदत गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव बढ़ाती है।

डॉक्टरों के अनुसार बवासीर को कंट्रोल करने के उपाय

1. खूब पानी पिएं

दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं। इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और कब्ज नहीं होगी। इसके अलावा लिक्विड ड्रिंक जैसे छाछ, लस्सी, नींबू पानी, जूस, बेल का शरबत आदि का सेवन करें।

2. फाइबर युक्त डाइट लें

गर्मी में बवासीर के मरीज ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त डाइट लें। जैसे की अपने खाने में पपीता, तरबूज, खीरा, खरबूजा जैसे सीजनल फल और दलिया व ओट्स का सेवन करें। साथ ही साबुत अनाज का सेवन भी बवासीर के मरीजों के लिए उत्तम है। दरअसल, फाइबर मल को नरम बनाता है और कब्ज से राहत देता है।

3. कब्ज से बचें

यदि कब्ज बनी रहती है तो पाइल्स तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि कब्ज से बचें और कुछ घरेलु उपचार करें जैसे कि रात को त्रिफला चूर्ण लें। सुबह गुनगुना पानी पीना व इसबगोल का सेवन करें।

4. ज्यादा देर तक बैठे न रहें

बवासीर के मरीजों को बहुत ज्यादा देर तक नहीं बैठे रहना चाहिए। इससे समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। हर 1 घंटे बाद थोड़ी देर टहलें क्योंकि लगातार बैठने से नसों पर दबाव बढ़ता है।

5. गर्मी में मसालेदार भोजन कम करें

अगर चाहते हैं कि गर्मी में बवासीर परेशान न करें तो खाने में परहेज करें। मसालेदार चीजों का सेवन न करें, लाल मिर्च न खाएं। ज्यादा तला-भुना खाना, शराब और धूम्रपान, ज्यादा चाय-कॉफी आदि का सेवन करने से बचें।

खूनी बवासीर में क्या करें?

अगर मल त्याग के दौरान खून आता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके लिए सबसे पहले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वरना समस्या अधिक बढ़ सकती है और आपका उठना-बैठना भी मुश्किल हो सकता है।

बवासीर में तुरंत राहत देने वाले घरेलू उपाय

1. ठंडी सिकाई

गुदा क्षेत्र पर ठंडी सिकाई करने से सूजन और दर्द कम होता है।

2. एलोवेरा जेल

एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जलन कम करते हैं।

3. सिट्ज बाथ

गुनगुने पानी में 10-15 मिनट बैठने से दर्द और सूजन कम हो सकती है।

4. नारियल तेल

नारियल तेल लगाने से खुजली और जलन में राहत मिलती है।

पाइल्स में क्या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?

बहुत ज्यादा मिर्च मसाला
बेकरी आइटम
प्रोसेस्ड फूड
रेड मीट
कोल्ड ड्रिंक
ज्यादा नमक

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

लंबे समय से कब्ज वाले लोग
गर्भवती महिलाएं
मोटापे से ग्रस्त लोग
लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले
कम पानी पीने वाले लोग

क्या गर्मियों में पाइल्स ठीक हो सकती है?

डॉक्टरों के अनुसार, अगर शुरुआती स्टेज में सही खानपान, पानी और लाइफस्टाइल का ध्यान रखा जाए तो पाइल्स को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह और इलाज जरूरी हो जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, May 21, 2026, 10:38 [IST]
Desktop Bottom Promotion