Latest Updates
-
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार
दंगल गर्ल फातिमा सना शेख को मिर्गी की बीमारी, दौरा पड़ने पर तुरंत क्या करें?
Fatima Sana Shaikh diagnosed with epilepsy : दंगल गर्ल फातिमा सना शेख ने हाल ही में अपनी बीमारी एपिलेप्सी (Epilepsy) यानी मिर्गी के बारे में एक इंटरव्यू के दौरान खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि दंगल फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें इस बीमारी के बारे में पता चला। एक्ट्रेस ने बताया कि शुरुआत में तो वह इस बात पर भरोसा ही नहीं कर पाई कि उन्हें ये बीमारी है और दवा लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि मिर्गी का दौरा लोगों के सामने आ सकता है।
उन्होंने मिर्गी से जुड़े कलंक को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। कई लोग इसे लेकर धारणा मना लेते हैं कि आप ड्रग्स ले रहे हैं या भूत-प्रेत का चक्कर है। एक्ट्रेस ने बताया इस वजह से वो इवेंट पर जाने से बचती थी। आइए जानते हैं मिर्गी का दौरा पडे तो क्या करना चाहिए?

मिर्गी का दौरा पड़े तो क्या करें?
अगर मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो सबसे पहले मरीज को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। सिर को चोट से बचाने के लिए नरम तकिया या कपड़ा रखें और गर्दन को ढीला करें। मुँह में कुछ न डालें, क्योंकि इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। मरीज को आराम करने दें और उसकी स्थिति पर नजर रखें। यदि दौरा 5 मिनट से अधिक समय तक चलता है या बार-बार होता है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। दौरे के बाद, मरीज को शांत और आराम से रखें।
क्या जेनेटिक होता है एपिलेप्सी?
मिर्गी का दौरा जेनेटिक हो सकता है, यानी यह आनुवंशिक रूप से परिवार में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जा सकता है। अगर किसी परिवार में मिर्गी के मामले होते हैं, तो उसके बच्चे को भी इस बीमारी का खतरा हो सकता है। हालांकि, मिर्गी के दौरे के कई कारण होते हैं, जिनमें मस्तिष्क की चोट, संक्रमण, दवाओं का प्रभाव, और अन्य मेडिकल स्थिति भी शामिल हो सकती है।
मिर्गी का इलाज
मिर्गी (एपिलेप्सी) का इलाज दवाओं के माध्यम से किया जाता है। जब तक मरीज को दौरे नहीं आते, तब तक डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ली जाती है। अगर मरीज को दौरा पड़ने के बाद कोई आखिरी दौरा पड़ा हो, तो भी दवा 3 साल तक जारी रहती है। यह दवा मरीज के स्वास्थ्य को बनाए रखने और दौरे की संभावना को कम करने में मदद करती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications