Latest Updates
-
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो
दंगल गर्ल फातिमा सना शेख को मिर्गी की बीमारी, दौरा पड़ने पर तुरंत क्या करें?
Fatima Sana Shaikh diagnosed with epilepsy : दंगल गर्ल फातिमा सना शेख ने हाल ही में अपनी बीमारी एपिलेप्सी (Epilepsy) यानी मिर्गी के बारे में एक इंटरव्यू के दौरान खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि दंगल फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें इस बीमारी के बारे में पता चला। एक्ट्रेस ने बताया कि शुरुआत में तो वह इस बात पर भरोसा ही नहीं कर पाई कि उन्हें ये बीमारी है और दवा लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि मिर्गी का दौरा लोगों के सामने आ सकता है।
उन्होंने मिर्गी से जुड़े कलंक को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। कई लोग इसे लेकर धारणा मना लेते हैं कि आप ड्रग्स ले रहे हैं या भूत-प्रेत का चक्कर है। एक्ट्रेस ने बताया इस वजह से वो इवेंट पर जाने से बचती थी। आइए जानते हैं मिर्गी का दौरा पडे तो क्या करना चाहिए?

मिर्गी का दौरा पड़े तो क्या करें?
अगर मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो सबसे पहले मरीज को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। सिर को चोट से बचाने के लिए नरम तकिया या कपड़ा रखें और गर्दन को ढीला करें। मुँह में कुछ न डालें, क्योंकि इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। मरीज को आराम करने दें और उसकी स्थिति पर नजर रखें। यदि दौरा 5 मिनट से अधिक समय तक चलता है या बार-बार होता है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। दौरे के बाद, मरीज को शांत और आराम से रखें।
क्या जेनेटिक होता है एपिलेप्सी?
मिर्गी का दौरा जेनेटिक हो सकता है, यानी यह आनुवंशिक रूप से परिवार में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जा सकता है। अगर किसी परिवार में मिर्गी के मामले होते हैं, तो उसके बच्चे को भी इस बीमारी का खतरा हो सकता है। हालांकि, मिर्गी के दौरे के कई कारण होते हैं, जिनमें मस्तिष्क की चोट, संक्रमण, दवाओं का प्रभाव, और अन्य मेडिकल स्थिति भी शामिल हो सकती है।
मिर्गी का इलाज
मिर्गी (एपिलेप्सी) का इलाज दवाओं के माध्यम से किया जाता है। जब तक मरीज को दौरे नहीं आते, तब तक डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ली जाती है। अगर मरीज को दौरा पड़ने के बाद कोई आखिरी दौरा पड़ा हो, तो भी दवा 3 साल तक जारी रहती है। यह दवा मरीज के स्वास्थ्य को बनाए रखने और दौरे की संभावना को कम करने में मदद करती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











