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कुत्ते को देखते ही छूटने लगते हैं पसीने, कहीं आप भी तो नहीं इस गंभीर बीमारी के शिकार, जानिए लक्षण और बचाव
आपको, या आपके आस-पास किसी और को कुत्ते को देखते ही पसीने छूटने लगते हैं? कुत्ते के पास से गुजरना आपके लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता है। हो सकता है कभी आपके पीछे कोई कुत्ता पड़ गया हो, या कभी उसने आपको काट लिया हो, जिस कारण आपको कुत्तों से इतना डर लगता है। लेकिन क्या आपको पता है कुत्ते से डरना भी एक बीमारी का लक्षण है, जिसे साइनोफोबिया सिंड्रोम कहा जाता है।
कुत्तों को लेकर आपके मन में इस तरह का डर आपकी लाइफस्टाइल को काफी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यह समझना कि यह डर आपके अंदर कहां से आया और इसे आप कैसे दूर कर सकते हैं बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं साइनोफोबिया सिंड्रोम के क्या लक्षण है।

साइनोफोबिया सिंड्रोम का कारण
1. कोई दर्दनाक अनुभव
कुत्तों से जुड़े किसी दर्दनाक घटना का अनुभव करने के बाद एक व्यक्ति सिनोफोबिया सिंड्रोम का शिकार हो सकता है। जैसे कुत्ते के काटे जाने पर, हमला करने या बेवजह भौंकने के कारण कुत्तों को लेकर डर आपके मन में बैठ सकता है।
2. बचपन में पैदा किया गया खौफ
साइनोफोबिया सिंड्रोम बचपन में कुत्तों को लेकर बच्चों में पैदा किए गए डर का एक कारण भी हो सकता है, जिसे माता-पिता, पेरेंट्स, या किसी अन्य कारणों से बच्चों को कुत्तों से दूर रहने के लिए सिखाया जाता है।
3. जेनेटिक
साइनोफोबिया सिंड्रोम आप में जेनेटिक कारणों से भी हो सकता है। जिसमें आपके परिवार के किसी अन्य सदस्य या माता-पिता, दादा-दादी से भी विकसित हो सकता है।
4. एंजाइटी डिसऑर्डर
साइनोफोबिया आपके अंदर एंजाइटी डिसऑर्डर का लक्षण भी हो सकता है।
साइनोफोबिया सिंड्रोम के लक्षण
साइनोफोबिया डिसऑर्डर के लक्षण व्यापक रूप से सभी लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं। कई लोगों में तो ये डिसऑर्डर सिर्फ कुत्तों के बारे में सोचने से ही नजर आने लगता है। जबकि अन्य व्यक्ति में यह लक्षण तब दिखाई देते है जब वह कुत्तों के संर्पक में आते हैं। ऐसे में साइनोफोबिया डिसऑर्डर के यह लक्षण भी नजर आ सकते हैं-
* दिल की धड़कन का तेज हो जाना
* जी मिचलाना
* पसीना आना
* सांस लेने में परेशानी होना
* कंपन
* रोना या चिल्लाना

साइनोफोबिया डिसऑर्डर का इलाज
1. कॉग्निटिव-बिहेवियरल थेरेपी
यह एक तरह की थेरेपी है जो व्यक्तियों को कुत्तों के डर से संबंधित नकारात्मक विचार पैटर्न और व्यवहार को पहचानने और बदलने में मदद करती है।
2. एक्सपोजर थेरेपी
इस थेरेपी में धीरे-धीरे व्यक्ति को नियंत्रित वातावरण में कुत्तों के सामने लाया जाता है, जैसे चित्रों, वीडियो के रूप में। एक्सपोजर थेरेपी व्यक्ति को कुत्तों के डर के प्रति इंसेंसिटिव बनाने में मदद कर सकती है।
3. दवा
कुछ मामलों में, साइनोफोबिया से जुड़े चिंता या पैनिक अटैक के लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद के लिए बीटा-ब्लॉकर्स या बेंजोडायजेपाइन जैसी दवाएं निर्धारित की जा सकती हैं। हालांकि, दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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