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कम उम्र में युवा हो रहे हैं हार्ट अटैक के शिकार? जानें कैसे रखें 40 के बाद रखें दिल का ख्याल
इन दिनों हार्ट अटैक आने की खबरें उतनी ही सामान्य हो गई है जितना की बीपी और शुगर की बीमारी। आए दिन लोगों की हार्ट अटैक की शिकायत सुनने को मिलती है। आज के समय में लोग कम उम्र में ही कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। खासतौर से, 40 की उम्र के बाद लोगों में हार्ट से जुड़ी बीमारियों की शिकायत बढ़ने लगी हैं। यह वास्तव में चिंताजनक है।
आजकल 20 साल के बाद भी युवा दिल से जुड़ी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, तो 40 साल तो एक एवरेज उम्र हो गई है। आइए आपको तो चलिए आज इस लेख में हम आपको 40 के बाद हार्ट डिसीज से जुड़े कॉम्पलीकेशन और उनसे बचाव के उपाय के बारे में बता रहे हैं-

कम उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट डिसीज के मामले
आज के समय में युवावस्था में ही लोगों को हार्ट डिसीज की शिकायत होने लगी है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। मसलन-
• कई बार जेनेटिक कारणों से आपको हार्ट डिसीज हो सकती हैं। ये जेनेटिक फैक्टर कोलेस्ट्रॉल लेवल, ब्लड प्रेशर और हार्ट फंक्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
• सैचुरेटिड फैट, ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम से भरपूर आहार भी यंग एज में हृदय रोग के विकास में योगदान कर सकता है। अत्यधिक मात्रा में अनहेल्दी फूड आइटम खाने से मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है।
• फिजिकल एक्टिविटी या वर्कआउट ना करने से भी व्यक्ति को हृदय रोग हो सकते हैं। फिजिकल एक्टिविटी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है और ओवर ऑल हार्ट हेल्थ में सुधार करती है।
• अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो इससे कम उम्र में ही हृदय रोग होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
• अत्यधिक शराब का सेवन करने से हाई बीपी,कार्डियोमायोपैथी और अनियमित दिल की धड़कन हो सकती है, ये सभी हृदय रोग के खतरे को बढ़ाते हैं।
• कुछ मेडिकल कंडीशन जैसे डायबिटीज, मोटापा और ऑटोइम्यून बीमारियां भी कम उम्र में हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
• क्रॉनिक स्ट्रेस भी आपके लाइफस्टाइल को प्रभावित करता है, जिससे हद्य रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
हार्ट डिसीज से बचने के लिए क्या करें?
• हार्ट डिसीज का मुख्य कारण आपका खराब लाइफस्टाइल है। ऐसे में हेल्दी हैबिट्स अपनाकर आप खुद को स्वस्थ रख सकते हैं और हार्ट से जुड़ी बीमारियों से बच सकते हैं। इसके लिए कुछ आवश्यक कदम उठाएं-
• नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करें। आप क्षमतानुसार वर्कआउट कर सकते हैं या कोई फिजिकल गेम भी खेल सकते हैं।
• हेल्दी डाइट लें। अपनी डाइट में फल, सब्जियां, होल ग्रेन और लीट प्रोटीन आदि को शामिल करें। साथ ही साथ, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से बचें।
• स्मोकिंग व ड्रिंकिंग की आदत से परहेज करें।
• हार्ट हेल्थ को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लें। इसके लिए आप अपना एक स्लीप शेड्यूल तय करें।
• क्रॉनिक स्ट्रेस से बचने के लिए कुछ रिलैक्सिंग तकनीक अपनाएं। तनाव को कम करने से भी हार्ट हेल्थ पर अच्छा असर पड़ता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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