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लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के उपचार
सबसे पहले यह जान लेते हैं कि लो ब्लड प्रेशर क्या होता है। नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे होने से कोई फर्क नही पड़ता, लेकिन ऊपर 90 से कम हो जाए तो उसे लो ब्लड प्रेशर, निम्न रक्तचाप कहते हैं। जबकि लो ब्लड प्रेशर में शरीर में ब्लड का दबाव कम होने से आवश्यक अंगों तक पूरा ब्लड नही पहुंच पाता जिससे उनके कार्यो में बाधा पहुंचती है। यह समस्या कई सारे लोगों को होती है। आज कल हमारी दिनचर्या और डाइट में ऐसा बदलाव आ गया है कि, हमें लो ब्लड प्रेशर की बीमारी होने लगी है।
यदि आप को भी लो ब्लड प्रेशर के लंक्षण दिखाई देते हैं जैसे, अगर आपको अक्सर चक्कर आते हैं, कमजोरी महसूस होती है, हाथ पैरों में थरथराहट होने लगती है या फिर दिल जोर जोर से धड़कने लगता है तो इसे समय रहते ही कंट्रोल करने में ही भलाई है। कैसे निपटें लो ब्लड प्रेशर से?
इसके साथ ही साथ लो ब्लड प्रेशर के मरीजो के लिए भोजन पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए, पैदल चलना, साईकिल चलाना और तैरना जैसे व्यायाम भी फायदेमंद साबित होते है। आइये और जानते हैं कि लो ब्लड प्रेशर के मरीजों को इसे कंट्रोल करने के लिये क्या क्या उपचार करने चाहिये।

खाने में नमक की मात्रा बढाएं
ऐसा भोजन खाएं जिसमें नमक की मात्रा अधिक हो।

पानी
खूब सारा पानी और जूस पीजिये।

शराब
शराब का सेवन कम करें। गर्मियों कि दिनों में या फिर जब भी बुखार और फ्लू के लक्षण सामने आएं तो खूब सारा पानी पियें।

व्यायाम
शरीर में खून का दौरा सामान्य रहे इसके लिये रोज सुबह व्यायाम करें।

सो कर उठते समय थोड़ा सावधान रहें
बिस्तर से जमीन पर खड़े होते समय अपने पैरों और टखनों को कुछ देर के लिये दबाएं।

शौंच के वक्त
शौंच के वक्त ज्यादा जोर ना लगाएं।

गमर पानी का प्रयोग कम करें
बाथरूम में नहाते वक्त ज्यादा देर गरम पानी के संपर्क में ना रहें। अगर उस समय चक्कर आए तो बैठ जाएं।

डाइट कैसी हो
खाने का विशेष ध्यान रखें, हर घंटे पर थोड़ा थोड़ा खाते रहें। कार्बोहाइड्रेट का सेवन ना करें। खाने के बाद थोड़ा आराम करें।

पैरों को कस के बांधे
अगर हो सके तो इलास्टिक सर्पोट का सहारा लें। आप स्टॉकिंग्स पहन सकती हैं, जिसमें आपके पंजे और जांघ दब जाते हैं और खून का फ्लो पैरों तक आने से रह जाता है। और शरीर के ऊपरी हिस्से तक ज्यादा खून रहता है



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