Latest Updates
-
Shardiya Navratri Day 5: नवरात्रि के पांचवें दिन करें मां स्कंदमाता की पूजा, जानें विधि, भोग, मंत्र और आरती -
कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत! 70% तक सस्ती हो सकती हैं दवाएं, केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला -
Shardiya Navratri Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन करें मां कूष्मांडा की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
कौन हैं जतिन प्रताप सिंह? जिनकी 'बिग बॉस 20' में वाइल्ड कार्ड एंट्री की चर्चा से सोशल मीडिया पर मची खलबली -
Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में पति-पत्नी शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
कौन थीं मधु कांबिकर? पर्दे पर निभाया था नाना पाटेकर की मां का रोल, 73 साल की उम्र में ली अंतिम सांस -
विश्व थ्रोम्बोसिस दिवस 2026: जानें इतिहास, महत्व और ब्लड क्लॉट्स से बचने के आसान टिप्स -
Shardiya Navratri Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि मंत्र, भोग और आरती -
Navratri 2026 Day 3 Wishes: मां चंद्रघंटा का आशीर्वाद...नवरात्रि के तीसरे दिन अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
जंतर-मंतर पर अब नहीं रहा प्रोटेस्ट साइट, जानें मुगल काल की यह ऐतिहासिक धरोहर कैसे बनी लोकतंत्र की आवाज
Independence Day 2026: भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुना गई? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Independence Day 2026: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का दिन हर भारतीय के लिए खास है। इसी दिन साल 1947 में भारत को करीब 200 साल के ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। हर साल इस दिन देशभर में स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख ही क्यों तय की गई? दरअसल, आजादी की तारीख तय करने के पीछे सिर्फ एक संयोग नहीं था, बल्कि उस समय के राजनीतिक घटनाक्रम और ब्रिटिश सरकार के फैसलों की भी अहम भूमिका थी। आइए जानते हैं कि आखिर 15 अगस्त को ही भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में क्यों चुना गया -

क्यों 15 अगस्त को ही मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस?
भारत की आजादी की तारीख तय होने के पीछे कई महत्वपूर्ण घटनाएं थीं। ब्रिटिश सरकार की शुरुआती योजना के अनुसार भारत को 30 जून 1948 को स्वतंत्र किया जाना था। इसी बीच जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना के बीच देश के बंटवारे का मुद्दा गंभीर होता गया। बढ़ते तनाव और सांप्रदायिक हिंसा के खतरे को देखते हुए सत्ता हस्तांतरण की तारीख को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। भारत के आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में इंडियन इंडिपेंडेंस बिल पेश किया। ब्रिटिश संसद से मंजूरी मिलने के बाद भारत के लिए 15 अगस्त 1947 की तारीख तय की गई।
15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुनी गई?
15 अगस्त की तारीख लॉर्ड माउंटबेटन के लिए खास महत्व रखती थी। 15 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण किया था। उस समय माउंटबेटन मित्र राष्ट्रों की सेनाओं में कमांडर थे और जापानी सेना के आत्मसमर्पण से जुड़ी इस घटना को उनके सैन्य जीवन की बड़ी उपलब्धि माना जाता था। इसी वजह से माउंटबेटन 15 अगस्त को अपने लिए बेहद खास दिन मानते थे। भारत को सत्ता सौंपने के लिए उन्होंने इसी तारीख को चुना और बाद में यही दिन देश के स्वतंत्रता दिवस के रूप में इतिहास में दर्ज हो गया।
महात्मा गांधी स्वतंत्रता दिवस समारोह में क्यों नहीं पहुंचे थे?
15 अगस्त 1947 को जब देश आजादी का जश्न मना रहा था, उस समय महात्मा गांधी दिल्ली में मौजूद नहीं थे। जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने उन्हें पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन गांधी जी समारोह में शामिल नहीं हुए। उस समय देश के विभाजन के कारण हिंदू-मुस्लिम तनाव और सांप्रदायिक हिंसा का माहौल था। गांधी जी के लिए आजादी के जश्न से ज्यादा जरूरी लोगों के बीच शांति स्थापित करना था। उनका मानना था कि देश को जिस परिस्थिति में आजादी मिली और भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ, उसमें आगे संघर्ष की आशंका बनी हुई थी। इसलिए उन्होंने उस समय शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को प्राथमिकता दी।
आधी रात को मिली थी भारत को आजादी
भारत का स्वतंत्रता समारोह 14 और 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को संविधान सभा में आयोजित किया गया था। जैसे ही रात के 12 बजे, ब्रिटिश शासन का अंत हुआ और भारत स्वतंत्र राष्ट्र बन गया। इसी ऐतिहासिक मौके पर जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध 'नियति से साक्षात्कार' (Tryst with Destiny) भाषण दिया। 14 अगस्त की रात खत्म होने और 15 अगस्त की शुरुआत के उस ऐतिहासिक क्षण ने भारत के लिए एक नए दौर की शुरुआत की। यही वजह है कि 15 अगस्त की तारीख आज भी देश के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाई जाती है।



Click it and Unblock the Notifications
