Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 6 काम, वरना नाराज हो सकते हैं पितर

Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए खास माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में किए गए इन कार्यों से पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। इसी वजह से इन दिनों खान-पान से लेकर पूजा-पाठ और रोजमर्रा के कामों तक कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान इन नियमों की अनदेखी करने से पितृ नाराज हो सकते हैं और परिवार में परेशानियां बढ़ सकती हैं। आइए, जानते हैं पितृ पक्ष में किन गलतियों से बचना चाहिए -

Pitru Paksha 2026 Mistakes To Avoid

शुभ काम करने से बचें

पितृ पक्ष का समय पूर्वजों को याद करने और उनके लिए श्राद्ध-तर्पण करने का माना जाता है। इसलिए इन दिनों शादी, सगाई, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कामों को करने से बचने की परंपरा है। नया कारोबार शुरू करने या कोई बड़ा शुभ आयोजन करने की योजना हो तो उसे भी पितृ पक्ष के बाद करना उचित माना जाता है। इसी तरह नई गाड़ी, मकान या जमीन जैसी बड़ी चीजें खरीदने से भी इन दिनों परहेज किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान व्यक्ति का ध्यान पितरों के लिए किए जाने वाले कर्मों पर रहना चाहिए।

नए कपड़े खरीदने से बचें

पितृ पक्ष में नए कपड़े खरीदने और पहनने से भी बचना चाहिए। इन दिनों सादगी के साथ रहने और दिखावे से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। हालांकि, अगर किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान देने के लिए कपड़े खरीदे जा रहे हैं, तो इसे अच्छा कार्य माना जाता है।

मांस-मदिरा से रखें दूरी

श्राद्ध और तर्पण के दौरान भोजन की शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष में मांस, मदिरा और दूसरी तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। इस समय सात्विक भोजन करने और खान-पान में संयम रखने की सलाह दी जाती है।

घर में कलह करने से बचें

पितृ पक्ष के दिनों में घर का माहौल शांत रखने पर जोर दिया जाता है। परिवार के लोगों को गुस्सा, आपसी विवाद और छोटी-छोटी बातों पर झगड़े से बचना चाहिए। माना जाता है कि पितरों के लिए किए जाने वाले श्राद्ध कर्म श्रद्धा और शांत मन से किए जाने चाहिए।

किसी को अपशब्द न कहें और झूठ से बचें

पितृ पक्ष में व्यक्ति को अपने व्यवहार और वाणी पर भी ध्यान रझना चाहिए। इन दिनों किसी को बुरा-भला कहना, झूठ बोलना या जानबूझकर किसी का मन दुखाना उचित नहीं माना जाता। कोशिश करनी चाहिए कि बात करते समय शब्दों का ध्यान रखें और दूसरों के साथ सम्मान से पेश आएं।

पशु-पक्षियों और जरूरतमंदों को परेशान न करें

पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए पूजा-पाठ करने के साथ जीवों के प्रति दया का भाव रखने की भी परंपरा है। इस दौरान किसी जरूरतमंद या असहाय व्यक्ति को परेशान करने और पशु-पक्षियों के साथ बुरा व्यवहार करने से बचना चाहिए। श्राद्ध की परंपराओं में गाय, कौए, कुत्ते और दूसरे जीवों को भोजन कराने का भी उल्लेख मिलता है। ऐसे में जरूरतमंदों की मदद करना और जीवों के प्रति करुणा रखना पुण्य का काम माना जाता है।

Story first published: Tuesday, September 22, 2026, 15:30 [IST]
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