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आज ही छोड़ दें स्मोकिंग करना, वरना टूट जाएंगी आपकी हड्डियां
अधिकतर लोगों की यह सोच होती है कि हड्डियों की समस्या केवल वृद्ध लोगों को ही होती है, क्योंकि इस उम्र तक आते-आते हड्डियां काफी कमजोर हो जाती है। लेकिन यह सच नहीं है। आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल कुछ ऐसा हो गया है कि कम उम्र के लोग भी जोड़ों में दर्द या गठिया आदि की शिकायत करते हैं।
ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि अपनी दिनचर्या में वे कुछ ऐसी चीजें करते हैं, जो हड्डियों के लिए अच्छी नहीं होती हैं। इन्हीं में से एक है स्मोकिंग करना। यंग एज में स्मोकिंग करना अधिकतर लोगों को अच्छा लगता है। लेकिन जब आप स्मोकिंग करते हैं तो इससे हृदय रोग, फेफड़ों के कैंसर या फिर स्ट्रोक होने की संभावना ही नहीं बढ़ती है, बल्कि यह आपकी हड्डियों को भी कमजोर बनाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम जानते हैं कि स्मोकिंग और बोन हेल्थ का आपस में क्या संबंध है-

ब्लड सप्लाई होती है प्रभावित
जब आप नियमित रूप से स्मोकिंग करते हैं तो इससे हड्डियों व बॉडी टिश्यू में ब्लड की सप्लाई काफी कम होने लगती है। ऐसे में जब बोन्स व बॉडी टिश्यू तक सही तरह से ब्लड सप्लाई नहीं होती है तो इससे उनकी कार्यक्षमता पर विपरीत असर पड़ता है और हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। शरीर के किसी भी हिस्से के सही तरह से काम करने के लिए जरूरी है कि पूरे शरीर में ब्लड की सप्लाई सही तरह से हो।
निकोटिन से होता है नुकसान
यह तो हम सभी जानते हैं कि सिगरेट में निकोटिन पाया जाता है। लेकिन यह निकोटिन आपकी हडिड्यों के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। यह आपके बोन-प्रोड्यूसिंग सेल्स जिसे ऑस्टियोब्लास्ट्स कहते हैं, उसके प्रोडक्शन को स्लो करता है। यही कारण है कि स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति को बोन फ्रैक्चर होने का खतरा अधिक होता है। साथ ही, अगर कभी उनकी हड्डी टूट भी जाती है तो व्यक्ति जल्दी रिकवर नहीं हो पाता है।
नहीं होता कैल्शियम अब्जॉर्ब
बोन हेल्थ के लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का होना बेहद जरूरी है। कई बार लोग पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेते हैं, लेकिन फिर भी उनकी हड्डियां कमजोर होती हैं। ऐसा उनकी स्मोकिंग करने की आदत के कारण होता है। दरअसल, स्मोकिंग की आदत शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को कम करती है, जिससे आपकी हड्डियों पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसलिए, शरीर में कैल्शियम का अब्जार्बशन बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप आज से ही स्मोकिंग करना छोड़ दें और कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन डी का इनटेक बढ़ाएं।
हार्मोन भी होते हैं प्रभावित
आपको शायद पता ना हो, लेकिन स्मोकिंग करने के लिए शरीर में एस्ट्रोजेन सहित अन्य कई हार्मोन का बैलेंस भी गड़बड़ा जाता है। यह महिलाओं और पुरुषों में एक स्ट्रान्ग स्केलेटन के लिए बेहद जरूरी है। स्मोकिंग करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का प्रोडक्शन भी बढ़ जाता है और यह भी आपकी हड्डियों पर नेगेटिव असर डालता है। हार्मोन गड़बड़ाने से सिर्फ हड्डियां ही प्रभावित नहीं होती है, बल्कि इससे पूरे शरीर की कार्यप्रणाली पर नेगेटिव असर पड़ता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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