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पीरियड के वजह से मीराबाई चानू ने गंवाया मेडल, माहवारी में वजन उठाना कितना होता है मुश्किल?
पेरिस ओलिंपिक में भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू अपने आखिरी प्रयास में मेडल जीतने से चूक गईं। वो सिर्फ 1 किलो वजन कम उठाने के चलते चौथे स्थान पर रहीं। चानू की इस हार के पीछे जो वजह सामने आई है वो है पीरियड्। फाइनल के बाद, मणिपुरी वेटलिफ्टर ने खुलासा किया उनके मासिक धर्म का तीसरा दिन था, जिस वजह वेटलिफ्टिंग के दौरान उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी।
पीरियड्स में कमजोरी और दर्द कोई नई बात नहीं है। अधिकांश लड़कियां इससे हर महीने जूझती हैं। इस बारे में जब हमने एक्सपर्ट से बात की तो उन्होंने बताया कि पीरियड के दौरान महिलाएं कई समस्याओं से जूझती हैं। पीरियड हर किसी के लिए एक समान नहीं होता है, जहां कुछ महिलाएं सहज रहती हैं, तो वहीं कुछ महिलाओं के लिए यह दर्दभरा होता है।

पीरियड में कमजोरी होना सामान्य है?
गायनेकोलॉजिस्ट शिखा गुप्ता ने बताया कि स्पोर्ट्सपर्सन ही नहीं, साधारण महिलाएं भी पीरियड के तीन दिन तक कमजोरी महसूस करती हैं। ये परांपरा नहीं साइंस है। जब आम महिला को तीन दिन तक घर के काम काज या दूसरे कामों से आराम लेती हैं, तो मीराबाई चानू तो वेट लिफ्टर हैं। इस बात को हम खारिज नहीं किया जा सकता है कि पीरियड के वजह से उनके परफॉर्मेंस जरूर प्रभावित हुआ होगा।
क्या पीरियड डिले दवाए सेफ होती है?
मासिक धर्म का प्रभाव अलग-अलग एथलीट और स्पोर्ट्स के लिए अलग हो सकता है। कई महिलाएं इवेंट को देखते हुए ट्रैकिंग ऐप के जरिए पीरियड डेट का अंदाजा लगाकर पीरियड डिले दवाईयों का सेवन करती हैं। डॉक्टर्स का कहना हैं कि इस तरह की दवाईयां किसी भी सूरत में महिलाओं के लिए सेफ नहीं है। चाहे बात स्पोर्ट्स पर्सन की हो या फिर साधारण महिलाओं की। क्योंकि ये दवाईयां हार्मोन को बाधित करती हैं। जो न सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली भी आपको इफेक्ट कर सकती हैं।
मेनोरेजिया की हो सकती है दिक्कत
कई ट्रैकिंग ऐप के जरिए पीरियड डेट को ट्रैक किया जा सकता है। उस हिसाब से महिलाएं ट्रैनिंग या एक्सरसाइज कर सकती हैं। कई एथलीट स्पेशली डिजाइन टैंपून और पैड का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि कई बार महिलाओं को पीरियड के तीन दिन तक हैवी एक्सरसाइज करने की मनाही करते हैं। वरना हैवी ब्लीडिंग जिसे मेनोरेजिया भी कहते हैं। इसकी समस्या भी हो सकती है। हैवी एक्सरसाइज की वजह से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का प्रोडक्शन कम हो जाता है। कई एथलीट्स को मासिक धर्म आना बंद हो जाता है, जिसे एमेनोरिया कहते हैं।
पीरियड्स में यूट्रस पर पड़ता है असर
पीरियड्स में यूट्रस में खून का प्रवाह अचानक बढ़ हुआ होता है. जैसे खाना खाने के बाद पेट में ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है तो खाना खाकर दौड़ने के लिए मना करते हैं, सेम चीज पीरियड्स में भी होती है। यहां यूट्रस ज्यादा एक्टिव होता है। ऐसे में वेट उठाने पर यूट्रस के साथ पेट की नर्व पर भी दवाब पड़ता है, जो कई बार दर्द का कारण बनता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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