Latest Updates
-
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
सावधान! बारिश में गीले अंडरवियर से हो सकता है UTI, ये गंदी आदत पहुंचा सकती है किडनी को नुकसान
UTI in Monsoon : बारिश के मौसम में जहां एक ओर राहत मिलती है, वहीं दूसरी ओर यह मौसम शरीर को कई प्रकार की बीमारियों के प्रति संवेदनशील भी बना देता है। इन्हीं में से एक आम लेकिन गंभीर बीमारी है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), जो खासतौर पर महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, 50 से 60 प्रतिशत वयस्क महिलाएं अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार यूटीआई से पीड़ित होती हैं। 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में इसकी संभावना दोगुनी हो जाती है।

गीले कपड़े और अंडरवियर बन सकते हैं यूटीआई की वजह
मानसून के दौरान यूटीआई के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। इसका एक बड़ा कारण है लंबे समय तक गीले या नम कपड़े पहनना। एक्सपर्ट के अनुसार, "बारिश के मौसम में अगर व्यक्ति टाइट कपड़े या गीले अंडरवियर पहनता है, तो उसमें संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना देती है।"
नमी के लंबे समय तक संपर्क में रहने से जननांगों के पास बैक्टीरिया और फंगस की वृद्धि होती है, जिससे pH स्तर में असंतुलन आता है और हाइजीन से समझौता होता है। इससे यूटीआई की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। खासतौर पर जब व्यक्ति सिंथेटिक फैब्रिक पहनता है, जो न तो हवा को पास होने देता है और न ही नमी को बाहर निकलने देता है, तो समस्या और भी बढ़ जाती है।
कैसे करें बचाव?
- कुछ सरल उपायों को अपनाकर इस परेशानी से बचा जा सकता है:
- ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि हवा का संचार बना रहे।
- गीले या अधसूखे कपड़े न पहनें।
- भीगने की स्थिति में जल्द से जल्द कपड़े बदलें।
- रोजाना साफ-सफाई और इंटीमेट हाइजीन का विशेष ध्यान रखें।
- अधिक मात्रा में पानी पीएं ताकि शरीर से बैक्टीरिया बाहर निकल सके।
यूटीआई के प्रमुख लक्षण
अगर आप निम्न लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें:
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- पेल्विक एरिया में असहजता या भारीपन
- बुखार
अगर समय रहते यूटीआई का इलाज नहीं किया गया, तो यह किडनी को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे संक्रमण और भी गंभीर हो सकता है। इसलिए बारिश के मौसम में खुद की साफ-सफाई का ध्यान रखें और कपड़ों को लेकर लापरवाही न बरतें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications