नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने स्टेज 4 कैंसर को दी मात, खुद बताया कैसे आयुर्वेदिक डाइट ने की मदद

Navjot Singh Sidhu wife Anti- Cancer diet : पूर्व क्रिकेटर और नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने स्टेज 4 कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को बेहद नाजुक बताते हुए बचने की मात्र 3 प्रतिशत संभावना जताई थी। इसके बावजूद सिद्धू और उनकी पत्नी ने हार नहीं मानी। ऑपरेशन, थेरेपी, और इच्छाशक्ति के साथ-साथ उन्होंने अपने जीवनशैली में बड़ा बदलाव किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने खुलासा किया कि उनकी पत्नी ने सिर्फ 40 दिनों में कैंसर की चौथी स्टेज से बाहर आने में सफलता हासिल की, और इसमें उनकी खास डाइट का अहम योगदान रहा। यह डाइट न केवल कैंसर बल्कि फैटी लिवर जैसी समस्याओं में भी असरदार साबित हुई। सिद्धू ने भी यही डाइट अपनाई और न केवल अपना फैटी लिवर ठीक किया, बल्कि 25 किलो वजन भी कम किया।

Navjot Singh Sidhu wife Anti- Cancer diet

नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया कि कैंसर और फैटी लिवर को हराने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, कैंसर सेल्स को शुगर और कार्बोहाइड्रेट्स से दूरी बनाएं, जिससे ये सेल्‍स खुद ही मरने लगती हैं। सही डाइट और आयुर्वेदिक उपायों से यह संभव है।

इस डिटॉक्‍स ड्रिंक से होती थी सुबह

दिन की शुरुआत नींबू पानी, कच्ची हल्दी, एक लहसुन, और सेब के सिरके से होती थी। इसके आधे घंटे बाद 10-12 नीम के पत्ते दिए जाते थे। नवजोत सिंह सिद्धू ने नीम और तुलसी को "ग्रीन ब्लड" और बेरीज को कैंसर की सबसे प्रभावी दवा बताया, जो डाइट का अहम हिस्सा थी।

6:30 बजे तक हो जाता था डिनर

नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी शाम 6-6:30 बजे तक डिनर कर लेती थीं और अगली सुबह 10 बजे नींबू पानी से दिन की शुरुआत करती थीं। यह डाइट का अहम हिस्सा था। इसके साथ उन्हें एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-कैंसर गुणों वाले फूड्स दिए जाते थे, जो तेजी से सुधार में मददगार साबित हुए।

पीती थी ऐसी चाय

नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया कि कैंसर के इलाज में उनकी पत्नी को हर्बल चाय दी जाती थी। इसे दालचीनी, काली मिर्च, लौंग, और छोटी इलायची को पानी में उबालकर तैयार किया जाता था। मीठा करने के लिए इसमें हल्का सा गुड़ मिलाया जाता, जो स्वास्थ्यवर्धक और प्रभावी था।

एंटी-कैंसर अनाज को डाइट में क‍िया शाम‍िल

सुबह नट्स, सफेद पेठे का जूस और 1 गिलास चुकंदर, गाजर, और आंवले का जूस दिया जाता था। दिन ढलने पर रात के खाने में केवल क्विनोआ दिया जाता था, क्योंकि यह एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-कैंसर गुणों वाला एकमात्र अनाज है। चावल-रोटी से परहेज किया जाता था। नारियल का उपयोग भी अत्यधिक लाभकारी बताया गया।

पीएच लेवल 7 वाला पानी प‍िया

नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी को ऐसा पानी दिया जाता था, जिसका पीएच लेवल 7 हो। पानी को सबसे जरूरी बताया गया, क्योंकि शरीर का अधिकांश हिस्सा पानी से बना है। कैंसर को हराने के लिए सही पीएच लेवल वाला पानी पीना बेहद जरूरी और प्रभावी उपाय है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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