Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
HPV वैक्सीन की अवेयरनेस के लिए पूनम पांडे ने फैलाई अपनी मौत की खबर, जानें क्यों हैं जरुरी?
Poonam Pandey Alive News : पूनम पांडे के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ही उनके कथित मौत की खबर शेयर की गई, जिसके बाद हर तरफ जैसे तूफान सा मच गया। अब बताया जा रहा है कि यह सिर्फ अफवाह थी पूनम पांडे को कुछ नहीं हुआ है। खुद पूनम पांडे अपना वीडियो शेयर कर सच बताया है।
वीडियो में, पूनम ने तर्क दिया कि उनकी मौत की खबर का मकसद सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता पैदा करना था।

पूनम पांडे ने सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन को प्रमोट करने के लिए अपनी मौत की खबर फैलाई है, उसके प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए उन्होंने ये कदम उठाया, जिसके वैक्सीन को लेकर हाल ही में घोषणा की गई है। उसी वैक्सीन को प्रमोट करने के लिए पूनम ने इस तरह की खबर फैलाई है।' इसके बाद हर जगह खलबली मच गई है।
आइए इसी बहाने जानते हैं कि क्यों सवाईकल कैंसर वैक्सीन को लेकर इतना हल्ला मचा हुआ है और क्यों ये महिलाओं के लिए जरुरी है और इसे लगाने के फायदे-
क्या है सर्वाइकल कैंसर (what is cervical cancer)
सर्वाइकल कैंसर एक वायरस के कारण होता है, जिसे HPV (Human Papillomavirus) कहते हैं। यह वायरस यौन संपर्क (वेजाइनल, एनल और ओरल) से फैलता है और कैंसर का कारण बन सकता है।
क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, एचपीवी एक सामान्य वायरस है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। इस वायरस के 100 से भी अधिक प्रकार होते हैं, जिनके कुछ टाइप ऐसे हैं, जो चेहरे, हाथ, पैर आदि पर वॉर्ट्स का कारण बन सकते हैं। इस वायरस के लगभग 30 प्रकार ऐसे हैं, जो वल्वा, योनि (वजाइना), सर्विक्स, पीनिस, एनस आदि को प्रभावित कर सकते हैं। शरीर में प्रवेश करने से लेकर कैंसर पैदा करने तक यह वायरस लंबा समय लेता है।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण (cervical cancer symptoms)
- सेक्स के दौरान दर्द होना
- पीरियड के बाद ब्लीडिंग
- सेक्स के बाद खून बहना
- मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होना
- तेज गंध के साथ योनि से डिस्चार्ज होना
- पांव में सूजन आना

सर्वाइकल कैंसर से बचने का तरीका (cervical cancer prevention)
हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इस बात की घोषणा करते हुए बताया कि महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर ( गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले कैंसर के लिए) टीकाकरण को बढ़ावा देगी। साथ ही कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा कि है कि सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन यानी HPV Vaccine के टीके 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए फ्री होंगे।
आपको बता दें कि HPV Vaccine सर्वाइकल कैंसर का टीका है। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस वैक्सीन (Human papillomavirus vaccines) ऐसे टीके हैं जो कुछ प्रकार के ह्यूमन पेपिलोमा वायरस द्वारा संक्रमण को रोकते हैं। उपलब्ध एचपीवी टीके दो, चार या नौ प्रकार के एचपीवी से बचाते हैं। सभी एचपीवी टीके एचपीवी प्रकार 16 और 18 से रक्षा करते हैं, जो सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा खतरा पैदा करते हैं।
98 पर्सेंट तक बचाव करता है HPV वैक्सीन
सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए 9 से 14 साल की सभी लड़कियों को HPV वैक्सीन लगवानी चाहिए। यह वैक्सीन कैंसर से 98 पर्सेंट तक बचाव कर सकती है। वैक्सीन लगवाने से कम उम्र की लड़कियों की इम्यूनिटी तेजी से बूस्ट हो जाती है और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) का खतरा कम हो जाता है।
महिलाओं के लिए जानलेवा है सर्वाइकल कैंसर
सर्वाइकल कैंसर दुनियाभर में महिलाओं के लिए दूसरी सबसे घातक बीमारी है। यह कैंसर योनि से शुरू होकर मूत्राशय, मलाशय से लेकर फेफड़ों तक में बहुत तेजी से फैलता है। यह बीमारी पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण की वजह से होती है। जो महिलाएं ज्यादा धूम्रपान करती हैं या इम्यूनिटी को दबाने वाली दवाओं का ज्यादा सेवन करती हैं, उन्हें इस कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











