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Pulse Polio Abhiyan आज से शुरु, क्यों पांच साल तक के बच्चों के लिए दो बूंद हैं जरुरी?
Pulse Polio immunization 2024 : देशभर में 3 मार्च यानी आज पल्स पोलियो अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के तहत देशभर में 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के दौरान घर-घर जाकर और स्वास्थ्य केंद्रों पर पोलियो की दवा बच्चों को फ्री में पिलाई जाएगी।
इस अभियान का उद्देश्य हैं पोलियो फ्री देश, आइए जानते हैं कि आखिर पोलियो की ये दो बूंदे क्यों हैं हर बच्चे के लिए जरुरी:

क्या है पोलियो की बीमारी?
पोलियो या पोलियोमेलाइटिस, एक अपंग यानी दिव्यांग करने वाली घातक बीमारी है। पोलियो वायरस के कारण यह बीमारी होती है। यह शरीर में प्रवेश कर मस्त्ष्कि और रीढ़ की हड्डी पर हमला कर लकवा या पक्षाघात दे सकता है। पक्षाघात की स्थिति में व्यक्ति हाथ, पैर या अन्य किसी अंग से कार्य करने असक्षम हो जाता है, शरीर का वो हिस्सा पूरी तरह सुन्न पड़ जाता है।
कैसे फैलता है पोलियो?
मुंह या नाक के माध्यम से पोलियो वायरस आपके शरीर में प्रवेश करता है। इसके बाद पेट और आंतों में पहुंचकर विकसित होने लगता है। यह कभी-कभी आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में घुसकर लकवा कर सकता है। जिससे आपके हाथ, पैर या आपकी सांस को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां लकवाग्रस्त हो सकती हैं। केवल इंसान ही पोलियो वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।
ऐसे वायरस करता है शरीर में प्रवेश
- संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आना से
- संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक या लार से
- दूषित पानी पीने और उसे पकाए खाने खाने से
- गंदे पानी में तैरने से
- दूषित खाना खाने की वजह से
लक्षण
बुखार
थकावट
मतली
सिरदर्द
नाक बंद होना
गले में खराश
खांसी
गर्दन और पीठ में अकड़न
पेट, हाथ और पैरों में असुविधा
बार-बार क्यों पिलाई जाती है बच्चों को पोलियो की खुराक?
5 वर्ष से छोटे बच्चों की इम्यूनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों को पोलियो की खुराक एक साथ पिलाने से खतरा टलता है। बच्चों में इस बीमारी से लड़ने की एक साथ क्षमता बढती है, और बार-बार इसे पिलाने से पोलियो विषाणु को बच्चे के शरीर में पनपने की जगह नहीं मिलती है, ऐसे में एक साथ सारे बच्चों को एक साथ खुराक देने से पोलियो का खात्मा हो जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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