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राखी सावंत को हो सकता है बच्चेदानी का कैंसर, कितनी खतरनाक होती है ये बीमारी जानें यहां
राखी सावंत को बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन कहा जाता है। वह अक्सर किसी ना किसी वजह से लाइमलाइट में रहती हैं। लेकिन अब वह अपने हेल्थ इश्यूज के कारण चर्चा में हैं। दरअसल, हाल ही में उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें सीने में तेज दर्द के साथ पेट में कुछ समस्या हो रही थी।
अब उनके एक्स हसबैंड रितेश ने उनकी हेल्थ से जुड़ा अपडेट देते हुए बताया कि उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। उनके पेट में ट्यूमर भी पाया गया है और डॉक्टरों को यह शक है कि उन्हें बच्चेदानी का कैंसर भी हो सकता है। हालांकि, यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। राखी को कैंसर है या नहीं, इसके बारे में डॉक्टरों ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।

महिलाओं में बच्चेदानी का कैंसर काफी घातक साबित हो सकता है और समय रहते इसकी पहचान करके इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बच्चेदानी के कैंसर, उसके लक्षणों व कारणों के बारे में विस्तारपूर्वक रहे हैं-
गर्भाशय कैंसर क्या है?
गर्भाशय कैंसर महिलाओं को होने वाला एक प्रकार का कैंसर है, जो गर्भाशय या गर्भ में शुरू होता है। यह महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करने वाला कैंसर है। यह मुख्य रूप से दो तरह का हो सकता है। सबसे आम प्रकार, एंडोमेट्रियल कैंसर है, जो गर्भाशय की परत में शुरू होता है। वहीं, गर्भाशय सार्कोमा एक दुर्लभ रूप है, जो गर्भाशय की मांसपेशियों या सहायक ऊतकों में विकसित होता है।
गर्भाशय कैंसर के लक्षण क्या हैं?
गर्भाशय कैंसर के लक्षणों को बहुत अधिक गंभीरता से नहीं लिया जाता है, इसलिए इसके बारे में शुरुआती दौर में पता लगा पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके कुछ लक्षण हैं-
• असामान्य दर्द या योनि से अनियमित रक्तस्राव
• रजोनिवृत्ति के बाद योनि से रक्तस्राव या स्पॉटिंग, यहां तक कि थोड़ी मात्रा में भी।
• पेट के निचले हिस्से में दर्द या आपके पेट के ठीक नीचे पेल्विस एरिया में ऐंठन।
• रजोनिवृत्ति के बाद व्हाइट और क्लीयर वजाइनल डिस्चार्ज
• यदि आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो अत्यधिक लंबे समय तक, हैवी या बार-बार योनि से रक्तस्राव होना।
• संभोग के दौरान दर्द
• बिना कारण वजन कम होना

गर्भाशय कैंसर का कारण क्या है?
रिचर्स में अभी तक गर्भाशय कैंसर के सटीक कारण के बारे में निश्चित रूप से कुछ ज्ञात नहीं हुआ है। यह कैंसर तब होता है, आपके गर्भाशय में कोशिकाओं में परिवर्तन उत्पन्न करने के लिए कुछ घटित होता है। उत्परिवर्तित कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर बढ़ती जाती है और एक द्रव्यमान का निर्माण कर सकती हैं जिसे ट्यूमर कहा जाता है। हालांकि, कुछ रिस्क फैक्टर गर्भाशय कैंसर विकसित होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।
गर्भाशय कैंसर का पता कैसे लगाएं?
गर्भाशय कैंसर से जुड़े किसी भी लक्षण को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत डॉक्टर से मिलें और डायग्नोस करवाएं। गर्भाशय कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी और अल्ट्रासाउंड जैसे कुछ टेस्ट किए जा सकते हैं। वहीं, इसके इलाज के लिए पहले कैंसर की स्टेज का पता लगाना जरूरी होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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