RAS अफसर की डेंगू से मौत, कंडीशन गंभीर होने पर एयरलिफ्ट कर ले गए थे चेन्नई, कब ये बीमारी बन जाती है खतरनाक

RAS Officer Taru Surana Died Of Dengue
: इस त्‍योहारी सीजन में डेंगू का प्रकोप पूरे देशभर में देखने को मिल रहा है। दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों से डेंगू के मामलों मे सामने आ रहे हैं। राजस्‍थान में स्थित‍ि खराब है। अभी तक यहां से 5 लोगों की जान डेंगू की वजह से जा चुकी हैं। लेक‍िन अब एक चौंकान्‍ने वाली खबर सामने आ रही हैं।

शनिवार को डेंगू ने राजस्‍थान की एक आरएएस अधिकारी की जान ले ली। खबरों के मुताब‍िक आरएएस अधिकारी तरु सुराणा की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि वहां भी उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। आइए जानते हैं क‍ि आख‍िर डेंगू कब जानलेवा बन जाता है?

DIG स्टांप के तौर पर कार्यरत थीं तरु सुराणा

आरएएस अधिकारी तरु सुराणा की उम्र 42 साल थी। वह उदयपुर की रहने वाली थीं और जिले में DIG स्टांप के पद पर कार्यरत थीं। 2011 में पहली पोस्टिंग राजसमंद जिले में मिली, जहां वह ट्रेनी ADM के तौर पर कार्यरत थीं।

डेंगू की वजह से बिगड़ने लगी

तरु को सबसे पहले तबीयत बिगड़ने पर उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्हें डेंगू होने का पता चला। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद हार्ट संबंधी समस्या और डेंगू की वजह से जब तबीयत ज्‍यादा बिगड़ने लगी, तो उन्हें एयरलिफ्ट कर चेन्नई ले जाया गया। चेन्नई में उनका हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

कब डेंगू बन जाता है जानलेवा?

डेंगू बुखार एडिज मच्छर के काटने से फैलता है, और यह वास्तव में जानलेवा हो सकता है यदि इसे समय पर नियंत्रित न किया जाए। इसका मुख्य कारण प्लेटलेट्स की संख्या में तेजी से गिरावट है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती है और खून जमने की क्षमता को प्रभावित करती है। प्लेटलेट्स का गिरना अत्यधिक ब्लीडिंग का कारण बन सकता है, जिससे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचता है।

डेंगू शॉक सिंड्रोम से जा सकती है जान

डेंगू के गंभीर होने पर "डेंगू हेमोरेजिक फीवर" (DHF) हो सकता है, इसमें ब्लड प्लाज्मा लीक हो सकता है, जिससे शॉक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे "डेंगू शॉक सिंड्रोम" (DSS) कहा जाता है। अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। अगर मरीज पहले से क‍िसी अन्‍य समस्‍या से जूझ रहा है, तो स्थिति और खतरनाक हो सकती है। इसीलिए डॉक्टर नियमित रूप से मरीज की प्लेटलेट्स और अन्य लक्षणों की निगरानी करते हैं ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

डेंगू बुखार के लक्षण

- अचानक बुखार आना
- तेज सिरदर्द
- जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
- दाने
- नाक या मसूड़ों से हल्का खून बहना
- उल्टी होना
- तेज़ी से सांस लेना
- उल्टी में खून आना
- मसूड़ों से खून आना
- थकान

डेंगू से बचाव

- घर में रखे हुए गमले, कूलर और आसपास के क्षेत्र में पानी को लंबे समय तक जमा न होने दें।
- घर के आसपास मच्छर पनप गए हैं, तो कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करें।
- बाहर जाते हुए पूरे कपडे से खुद को कवर करें।
- शाम के समय खिड़की और दरवाजे को अच्‍छे से बंद कर दें।
- कूलर को सप्ताह में एक बार साफ जरूर करें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पानी की टंकियों और पानी भरे हुए बर्तनों को ढक कर रखें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, October 6, 2024, 12:38 [IST]
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