Latest Updates
-
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले
Sanjay Bangar Son: क्रिकेटर संजय बांगर का बेटा सेक्स चेंज थेरेपी से बना लड़की, क्या है HRT?
Sanjay Bangar Son Undergoes HRT: भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर के बेटे आर्यन बांगर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके बताया है कि उन्होंने अपना सेक्स चेंज कराकर लड़के से लड़की बन गए हैं। आर्यन भी अपनी पिता की तरह क्रिकेट के शौकीन हैं।
उन्होंने इस वीडियो के जरिए अपने हार्मोनल ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी के बारे में बताया और कहा कि सर्जरी के 10 महीने बाद आर्यन अब अनाया बन चुका है। वह खूब खुश है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में खूब सुर्खियों में छाया हुआ है। आइए जानते हैं क्या हैं HRT प्रोसेस जिससे आर्यन बने अनाया?

कौन है आर्यन बांगर?
आर्यन बांगर पूर्व क्रिकेटर और आईपीएल टीम आरसीबी के पूर्व डायरेक्टर संजय बांगर के बेटे हैं। वह मौजूदा समय में इंग्लैंड के मैनचेस्टर शहर में रहते हैं। वह भी अपने पिता की तरह क्रिकेट के शौकीन हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट के मुताबिक वहां वह काउंटी क्रिकेट खेलते है। आर्यन ने वीडियो के जरिए अपने हार्मोनल ट्रांसफॉर्मेशन फेज के बारे में फीलिंग्स शेयर करते हुए बताया है कि वो इस HRT प्रोसेस से काफी खुश है।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) क्या है?
क्वीलैंड क्लिनिक के मुताबिक हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) एक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें शरीर में हार्मोन स्तर को बढ़ाने या संतुलित करने के लिए बाहरी हार्मोन दिए जाते हैं। यह थेरेपी विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए होती है जिनके शरीर में किसी कारण से प्राकृतिक हार्मोन का उत्पादन कम हो गया है, जैसे रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन की कमी या ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए जेंडर ट्रांजिशन के दौरान हार्मोनल सपोर्ट।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की प्रक्रिया
मेडिकल काउंसिलिंग और चेकअप
HRT शुरू करने से पहले व्यक्ति का मेडिकल चेकअप किया जाता है। डॉक्टर हार्मोन स्तर, हेल्थ कंडीशन और थेरेपी से किसी तरह का रिस्क न हो उसका भी आंकलन किया जाता है।
हार्मोनल सप्लीमेंटेशन के काम आती है HRT
महिलाओं के लिए (मेनोपॉज के बाद) : एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के सप्लीमेंट दिए जाते हैं, जिससे रजोनिवृत्ति के लक्षण, जैसे हॉट फ्लैश, रात में पसीना, और मूड स्विंग को नियंत्रित किया जा सके।
पुरुषों के लिए (टेस्टोस्टेरोन की कमी) : टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट दिया जाता है, जो कि मूड, ऊर्जा, और यौन स्वास्थ्य में सुधार करता है।
जेंडर ट्रांजिशन के लिए होता है इस्तेमाल
ट्रांस महिलाओं (Male-to-Female) के लिए एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन, और ट्रांस पुरुषों (Female-to-Male) के लिए टेस्टोस्टेरोन थेरेपी दी जाती है। इस प्रोसेस के लिए हार्मानल दवाओं का होता है इस्तेमाल।
हार्मोनल दवाइयां का तरीका
- गोलियां (टैबलेट)
- त्वचा पर लगाई जाने वाली क्रीम या जेल
- इंजेक्शन
- पैच (त्वचा पर चिपकाने वाले)
- व्यक्ति की आवश्यकता और सहूलियत के अनुसार डॉक्टर इसे तय करते हैं।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के नुकसान
- महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन की अधिक मात्रा से ब्रेस्ट कैंसर, ब्लड क्लॉट्स, और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
- पुरुषों में अधिक टेस्टोस्टेरोन लेने से प्रोस्टेट की समस्याएं और - कार्डियोवस्कुलर रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
- HRT के दौरान व्यक्ति को मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- त्वचा पर मुंहासे, लालिमा, और सूजन हो सकती है। कुछ लोगों में हार्मोनल बदलाव से बाल झड़ने की समस्या भी बढ़ सकती है।
- HRT के दौरान दी जाने वाली दवाइयाँ प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर जेंडर ट्रांजिशन के दौरान हार्मोनल बदलाव से।
- HRT से वजन बढ़ने की संभावना होती है। यह समस्या विशेष रूप से उन लोगों में अधिक देखी जाती है जो टेस्टोस्टेरोन थेरेपी लेते हैं।
- हार्मोन रिप्लेसमेंट की गलत डोज से शरीर में हार्मोन असंतुलन हो सकता है, जिससे थकान, ऊर्जा की कमी, और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











