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Sitaram Yechury Death: सांस की गंभीर बीमारी से सीताराम येचुरी ने हारी जिंदगी की जंग, इस बीमारी के लक्षण जानें
Sitaram Yechury Death News: सीपीएम के महासचिव और लेफ्ट फ्रंट के जाने-माने नेता सीताराम येचुरी का शुक्रवार (12 सितंबर) को निधन हो गया। वो लंबे समय से एम्स में एडमिट थे। उन्हें सांसों का इन्फेक्शन था। येचुरी को 19 अगस्त को निमोनिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह सांस संबंधी बीमारी से भी जूझ रहे थे। बीते दिनों की हालत और खराब हो गई थी। उन्हें सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो रही थी।
डॉक्टरों के मुताबिक, उनका तीव्र श्वसन मार्ग में संक्रमण (Acute Respiratory tract infection Disease) को लेकर इलाज चल रहा था। उन्हें नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर रखा गया था। हालत बिगड़ने पर जिंदगी के आखिरी दौर में भी वेंटिलेटर पर रहे। बीते दिनों हालत और खराब होने से वो सांस लेने की लडाई में हार गए और उनका निधन हो गया।

आइए जानते हैं आखिर सांस की यह बीमारी कितनी गंभीर है और इससे बचने के क्या तरीके है?
क्या है श्वसन तंत्र का संक्रमण?
एक्यूट रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी श्वसन मार्ग में संक्रमण एक ऐसा संक्रमण है जो सामान्य श्वास प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है। जिसकी वजह से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कते होने लगती हैं। वायरस या बैक्टीरिया दोनों की वजह से इस तरह का संक्रमण हो सकता है।
इसका सबसे ज्यादा असर ऊपरी श्वसन तंत्र पर देखा जाता है, जो निमोनिया या साइनस जैसी समस्याओं के बाद देखने को मिलता है। रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन दो तरह का होता है।
1. ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण या अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (URTIs)
2. निचले श्वसन पथ में संक्रमण या लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (LRTIs)
कुछ लोगों में ये निचले श्वसन तंत्र को संक्रमित करता है, तो कुछ में ऊपरी श्वसन तंत्र को संक्रमित करता है। लेकिन दोनों ही सूरतों में यह फेफड़ों में गंभीर संक्रमण का खतरा रहता है।
अपर और लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में ज़्यादा ख़तरनाक क्या है?
अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन गले और साइनस को प्रभावित करता है, जिससे सर्दी, सिरदर्द, गले में ख़राश और अन्य हल्के लक्षण नजर आते हैं। वहीं लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन आमतौर पर लंबे समय तक चलते हैं और सेहत के लिए गंभीर हो सकते हैं। ये निचले श्वसन संक्रमण वायुमार्ग और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिसमें मरीज को खतरा ज्यादा होता है।
लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट कितना खतरनाक है?
येचुरी को 19 अगस्त को निमोनिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह सांस संबंधी बीमारी से भी जूझ रहे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। जो लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का संकेत है। लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन अमूमन तब होता है जब फेफड़ों में इंफेक्शन होता है। यह संक्रमण आमतौर पर वायरस, बैक्टीरिया या अन्य आम जीवों के कारण भी हो सकता है।
रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के शुरुआती संकेत
- लगातार खांसी आना।
- पीला या हरा कफ (गाढ़ा बलगम) आना, या खून की खांसी आना।
- सांस फूलना।
- सांस लेने में घरघराहट।
- तेज़ तापमान (बुखार)।
- तेज़ दिल की धड़कन।
- सांस लेते समय सीने में दर्द या जकड़न।
- कुछ लोगों में तेज बुखार और ठंड लगने की भी समस्या होती है।
सांस लेने में कठिनाई होना।
कैसे बचें इस इंफेक्शन से?
- साफ-सफाई का खास ध्यान रखें, अपने आसपास कीटाणुओं और बैक्टीरिया को फैलने से रोकें।
- पब्लिक प्लेस में मास्क जरूर पहनें।
- किसी चीज से एलर्जिक हैं, तो उस चीज का खास ध्यान रखें।
- खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को ढकें।
- अपने हाथों को अक्सर साफ, बहते पानी और साबुन से धोएं।
- अपनी आंखें, नाक और मुंह को न छुएं, साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। बार-बार उसी हाथ से मुंह न छुए। उससे भी गंदगी फैल सकती है।
- अगर किसी व्यक्ति को सांस से जुड़ी इंफेक्शन है तो उसे दूसरों से थोड़ा डिस्टेंस मेंटेन करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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