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विटामिन डी की कमी से परेशान थी सोहा अली खान, जानें इसके लक्षण और इलाज
Soha Ali Khan Health : सर्दियों में सूरज की रोशनी की कमी के कारण मूड स्विंग और हार्मोनल समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर नवंबर, दिसंबर और जनवरी के महीनों में। सोहा अली खान, जो एक फिटनेस फ्रीक हैं, ने साझा किया कि वह कभी विटामिन डी की कमी से जूझ रही थीं।
इसके लिए, वह रोजाना एक्सरसाइज और सुबह-सुबह सूरज की रोशनी लेने की कोशिश करती थीं। सोहा का मानना है कि अगर कोई उदासी या डिप्रेशन महसूस कर रहा है, तो उसे छत पर जाकर धूप लेना चाहिए। इससे एसएडी (सिजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर) जैसी बीमारी का खतरा कम हो सकता है और मानसिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

91.2 प्रतिशत स्वस्थ वयस्कों में विटामिन डी की है कमी
भारत में विटामिन डी की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है, खासकर नॉर्थ इंडिया में। एक अध्ययन में 50 वर्ष से ऊपर के 91.2 प्रतिशत स्वस्थ वयस्कों में विटामिन डी की कमी पाई गई थी। विभिन्न समुदाय-आधारित अध्ययनों के अनुसार, विटामिन डी की कमी की दर 50 से 94 प्रतिशत तक है। 2023 में टाटा 1mg द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 76 प्रतिशत भारतीय विटामिन डी की कमी से प्रभावित हैं।
लक्षण
थकावट और कमजोरी: विटामिन डी की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी होती है, जिससे थकावट और कमजोरी महसूस होती है।
हड्डियों में दर्द और कमजोरी: विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और जोड़ों में दर्द हो सकता है।
मांसपेशियों में दर्द: विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन हो सकती है।
हृदय संबंधी समस्याएं: कमी के कारण हृदय की धड़कन अनियमित हो सकती है।
चिंता और डिप्रेशन: विटामिन डी की कमी मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकती है, जिससे चिंता और डिप्रेशन हो सकते हैं।
इलाज
सूर्य की रोशनी: विटामिन डी की सबसे प्राकृतिक स्रोत सूर्य की रोशनी है। प्रतिदिन कुछ समय के लिए सूरज की रोशनी में रहना फायदेमंद है।
विटामिन डी युक्त आहार: मछली, अंडे की जर्दी, दूध, और विटामिन डी से भरपूर फूड्स का सेवन करें।
विटामिन डी सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी की गोली या ड्रॉप्स का सेवन किया जा सकता है।
व्यायाम: नियमित व्यायाम से हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत किया जा सकता है, जो विटामिन डी के अवशोषण में मदद करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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