Latest Updates
-
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती
ध्यान से 10 दिनों में दूर हो सकता है तनाव
(आईएएनएस)| गहरे सदमे से गंभीर तनाव (पीटीएसडी) का शिकार लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (टीएम) तकनीक के जरिए 10 दिनों में तनाव आश्चर्यजनक रूप से कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने कांगो युद्ध के शिकार शरणार्थियों पर प्रयोग किया, जिससे यह आश्चर्यजनक नतीजे सामने आए।
यूएस आर्मी रिजर्व मेडिकल कॉर्प्स के कर्नल ब्रायन रीज ने कहा, "पूर्व में किए गए शोधों में देखा गया था कि 30 दिनों में 90 प्रतिशत लोगों का तनाव समाप्त हो गया था। लेकिन बात काफी आश्चर्यचकित करने वाली है कि ट्रांसेंडेटल मेडिटेशन से 10 दिनों में ही इन लोगों का तनाव बेहद कम हो गया।"

शोधकर्ताओं ने 11 प्रतिभागियों का 10 दिनों के ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन के बाद और फिर 30 दिनों के बाद अध्ययन किया और पाया कि पीटीएसडी का स्तर 30 प्रतिशत तक गिर गया था। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मेडिटेशन की इस विशेष तकनीक के दौरान रोगी को बेहद आराम और सुकून का अनुभव होता है। ना लीजिये टेंशन नहीं तो बढ़ जाएगा दिल का खतरा
दिन में दो बार 20 मिनट के लिए ट्रांसेंडेटल मेडिटेशन करने से तंत्रिका तंत्र ठीक ढंग से काम करना शुरू करती है। पूरे दिन के लिए मानसिक एवं शारीरिक कार्य बेहतर तरीके से संचालित होते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
