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बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का निधन, इस खतरनाक कैंसर से जूझ रहे थे, जानें लक्षण और बचाव
Sushil Modi died: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी का सोमवार शाम को दिल्ली के एम्स में 72 साल की उम्र में निधन हो गया। वो गले के कैंसर से जूझ रहे थे। बता दें कि सुशील कुमार मोदी ने करीब छह महीने पहले ट्वीट करके खुद को कैंसर होने की जानकारी दी थी।
यह बीमारी उनके फेफड़ों तक फैल गई थी। जिसकी वजह से उन्हें बोलने में भी दिक्कत आती थी। इस वजह से उन्होंने इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने से साफ मना इनकार कर दिया था। आइए जानते हैं कि गले का कैंसर क्या होता है और इसके लक्षण और बचाव क्या है?

गले के कैंसर के लक्षण
- बार-बार खांसी आना
- खाना निगलने में तकलीफ
- गले में खराश की समस्या
- खांसते वक्त बलगम के साथ खून आना
- वजन तेजी से घटना
- आवाज में बदलाव आना
- कान में दर्द
- गले में दर्द और सूजन
गले के कैंसर की वजह
जो लोग रोजाना स्मोकिंग करते है वो जल्दी गले के कैंसर की चपेट में आ सकते है। गुटखा, बीड़ी, शराबऔर तंबाकू का सेवन करने वालों को भी सर्तक रहने की आवश्यकता होती है।विटामिन ए की कमी से भी यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा बेवजह दवाईयों के वजह से भी गले का कैंसर हो सकता है।

कैसे कर सकते हैं बचाव?
कैंसर का हर प्रकार खतरनाक होता है। शरीर के किसी भी अंग में कैंसर की सेल्स बनने के बाद जल्द से जल्द इलाज कराना जरुरी होता है वरना ये भंयकर बन सकता है। गले के कैंसर में खाने की नली ब्लॉक हो सकती है। इसकी वजह से खाना निगलने में दिक्कत होती है। जब भी आप ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई लक्षण महसूस करें तो बिना देर किए सावधानी के लिए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा स्मोकिंग और ड्रिकिंग करने से बचे। कैंसर में सावधानी ही इलाज हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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