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दिल्ली के आसपास बढ़े थंडरस्टॉर्म अस्थमा के मामले, क्या हैं इस बीमारी का आंधी-तूफान से कनेक्शन
Thunderstorm Asthma : अचानक से आए दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज आंधी और तूफान की वजह से अस्पतालों में अस्थमा और सांस के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि इस मौसम में बुर्जुग और अस्थमा के मरीजों को अपना ध्यान रखना बेहद जरुरी है वरना वो थंडरस्टॉर्म स्टॉर्म के शिकार बन सकते हैं।
दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट के डॉक्टर भरत गोपाल बताते है कि थंडर स्टॉर्म अस्थमा' एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जिसमें आंधी के बाद हवा में एलर्जी पैदा करने वाले कणों की मात्रा बढ़ जाती है, जो 'थंडर स्टॉर्म अस्थमा' का कारण बन सकता है। आइए सबसे पहले इसका बैकग्राउंड समझते हैं फिर इसके लक्षण और बचाव पर बात करेंगे।

क्या होता है थंडरस्टॉर्म अस्थमा?
2016 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आएं आंधी-तूफान से सांस लेने में परेशानी के चलते अस्पतालों में 9 हजार अस्थमा के मरीजों को इमरजेंसी रुम में भर्ती करवाया गया था। वहीं इसकी वजह से 5 लोगों की मौत हो गई थी। वैज्ञानिकों ने जब इस स्थिति के बारे में जानना चाहा तो रिसर्च में पता चला कि इस समस्या की असल वजह थंडर स्टॉर्म अस्थमा यानी आंधी-तूफान-दमा है। 1980 में पहली बार ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों में इसके मामले सामने आए थे।
थंडर स्टॉर्म अस्थमा मुख्यतः आंधी-तूफान की वजह से लोगों में होता है। इस वजह से इसे थंडर स्टॉर्म अस्थमा कहा जाने लगा। इस समस्या में हवा में मौजूद धूल-मिट्टी और प्रदूषित कण, घास और अन्य हानिकारक तत्वों की वजह से अस्थमा मरीज को अटैक आ जाता है। इस समस्या की ज्यादात्तर मामले ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में देखने को मिलती है।
किसको है ज्यादा खतरा?
थंडरस्टॉर्म अस्थमा से उन लोगों को ज्यादा खतरा है जो पहले से ही अस्थमा और सांस की समस्या से जूझ रहे हैं।
एक्सपर्ट की मानें तो ऐसे लोगों आंधी-तूफान में बाहर निकलने से बचना चाहिए।
थंडरस्टॉर्म अस्थमा के लक्षण
- नाक का बहना
- जुकाम
- आंखों में खुजली
- सांस लेने में परेशानी
- सीने में घरघराहट
बचाव के लिए क्या करें?
- आंधी-तूफान में बाहर जाते हुए मास्क जरुर पहनें।
- अपनी अस्थमा की दवाएं हमेशा साथ रखें।
- बुजुर्ग मरीज बाहर जानें से पहले सावधानी बरतें।
- घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
- आंधी तूफान में हमेशा घरों के दरवाजे बंद रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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