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अचानक से क्यूं अधिक होने लगता हैं महिलाओं को व्हाइट डिस्चार्ज?
महिलाओं में अत्यधिक व्हाइट डिस्चार्ज एक साधारण बात है लेकिन कभी कभी किसी स्थितियों में यह गंभीर भी हो सकती है। कई बार महिलाएं इससे घबरा जाती है लेकिन एक बात महिलाओं की जानकारी के लिए जरुरी है कि व्हाइट डिस्चार्ज एक नार्मल बात है, ये कोई बीमारी नहीं है।
ये वजाइना और सर्विक्स में मौजूद ग्लैंड्स एक फ्लूइड बनाती हैं, जो डिस्चार्ज के रूप में बाहर आता है - ये डिस्चार्ज डेड सेल्स व बैक्टीरिया को बॉडी से बाहर निकालने का काम करता है, जिससे युटेरस व पेल्विस सुरक्षित रहते हैं जो दर्शाता है कि शरीर के अंदर मौज़ूद ग्लैंड अच्छी तरह काम कर रहे हैं और हार्मोन्स बनने की प्रक्रिया भी साधारण तरीके से चल रही है। लेकिन अधिक वजाइनल डिस्चार्ज कई बार किसी इंफेक्शन या किसी बीमारी का भी संकेत हो सकता है।
आइए जानते है कि किन शारीरिक बदलावों के कारण व्हाइट डिस्चार्ज होता है। ऐसे ही कुछ कारण हैं-

ओव्युलैशन
ओव्युलैशन के समय शरीर में प्रोजेस्टरोन का स्तर बढ़ जाता है जिसकी वजह से वजाइना से भारी और लगातार डिस्चार्ज होता रहता है। प्रजनन करने के लिहाज से यह एक स्वस्थ और साधारण प्रक्रिया है। इसी वजह से पीरियड्स से कुछ दिनों पहले महिलाओं को पारदर्शी डिस्चार्ज दिखायी पड़ता है जो कई दिनों तक होता रहता है।

सेक्सुअल उत्तेजना
अच्छे इंटरकोर्स के लिए प्राकृतिक रुप से वजाइना डिस्चार्ज के रुप में एक लुब्रिकेंट का निर्माण किया जाता है। सेक्स के लिए उत्तेजित करने वाले हार्मोन्स ही इस सफेद डिस्चार्ज का निर्माण करते हैं। कई बार यह डिस्चार्ज बहुत अधिक हो सकता है।

प्रेगनेंसी
प्रेगनेंसी के दौरान होनेवाले हार्मोनल बदलावों के कारण यह डिस्चार्ज काफी अधिक भी हो सकता है। भले ही आपको यह अच्छा न लगे लेकिन इसका एक अनजाना-सा फायदा भी है। जी हां, यही डिस्चार्ज आपको मूत्र विकारों से बचाता है जिनकी संभावना प्रेगनेंसी के दौरान काफी बढ़ जाती है। यह अच्छे बैक्टेरिया के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है। यही नहीं लेबर से पहले डिस्चार्ज की मात्रा बढ़ भी सकती है जो नॉर्मल डिलिवरी में मददगार होता है। बस प्रेगनेंसी के दौरान यह चिंता का कारण तब बनता है जब डिस्चार्ज के साथ आपको खून के धब्बे और धक्के दिखायी दें।

तनाव
स्ट्रेस के कारण भी व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या होती है। जिसका सेहत पर असर पड़ता है। तनाव हमारे शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन का एक बड़ा कारण बनता है जिसकी वजह से वजाइना डिस्चार्ज हो सकता है।

इन स्थितियों में डॉक्टर से मिलें।
अगर लडकी के सफेद पानी का कलर ब्राउन, हरा या पिंक हो या फिर या इसके बनावट में क्लम्पी, फोमी, चीसी हो या स्मेल कर रहा हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि ये किसी इन्फेक्शन (बैक्टीरिया, यीस्ट, एस.टी.डी. इत्यादि ) का संकेत होता है।



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