Latest Updates
-
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Karwa Chauth Wishes For Wife: चांद की चांदनी...करवा चौथ के मौके पर पत्नी को भेजें ये प्यार भरे मैसेज और शायरी -
Happy Karwa Chauth 2026 Wishes: चांद से मांगी हैं आपके लिए खुशियां…इन संदेशों से दें करवा चौथ की शुभकामनाएं -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर पति-पत्नी शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा? जानें आपके शहर में कब होगा दीदार -
Aditi Rao Hydari ने बताया ब्यूटी सीक्रेट, ग्लोइंग और फ्लॉलेस स्किन के लिए इस्तेमाल करती हैं ये घरेलू नुस्खे -
Karwa Chauth 2026 Puja Samagri: करवा चौथ की पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा? यहां देखें पूरी सामग्री लिस्ट -
CID और आहट के निर्माता बीपी सिंह का हार्ट अटैक से निधन, 77 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
World Arthritis Day 2026: आर्थराइटिस के मरीज भूलकर भी न करें इन 7 चीजों का सेवन, बढ़ जाएगा दर्द
World Arthritis Day 2026: हर साल 12 अक्टूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आर्थराइटिस के लक्षणों और इससे जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक करना है। इस बीमारी में घुटनों, एड़ियों, पीठ, कलाई और गर्दन के जोड़ों में दर्द हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। आर्थराइटिस यानी गठिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में दर्द और अकड़न जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसका असर रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ता है। आमतौर पर यह परेशानी अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती है, लेकिन बदलती जीवनशैली के चलते युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। खानपान की आदतें सेहत को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए आर्थराइटिस से परेशान लोगों के लिए अपने भोजन पर ध्यान देना जरूरी है। आज इस लेख में डाइट्रीफिट की डायटीशियन अबर्ना माथीवानन से जानते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन आर्थराइटिस के मरीजों को नहीं करना चाहिए -

एडेड शुगर
आर्थराइटिस से परेशान लोगों को अपने खाने में अतिरिक्त चीनी यानी एडेड शुगर की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। कैंडी, सोडा, आइसक्रीम और बेकरी आइटम्स जैसी चीजों में एडेड शुगर पाई जाती है। एक स्टडी में सामने आया कि मीठा सोडा और डेजर्ट्स आर्थराइटिस के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। इसलिए ऐसी चीजों का सेवन कम करना बेहतर माना जाता है।
प्रोसेस्ड फूड
फास्ट फूड, पैकेट में मिलने वाले अनाज और बेकरी की चीजों जैसे प्रोसेस्ड फूड में रिफाइंड अनाज, अतिरिक्त चीनी और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें मौजूद कुछ तत्व शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। रिसर्च के मुताबिक, प्रोसेस्ड फूड खाने से वजन तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है। मोटापा आर्थराइटिस की परेशानी को बढ़ा सकता है, इसलिए इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना चाहिए।
ज्यादा नमक
आर्थराइटिस के मरीजों को खाने में नमक की मात्रा सीमित रखने पर ध्यान देना चाहिए। चिप्स, डिब्बाबंद सूप, पिज्जा, चीज़, प्रोसेस्ड मीट और कई दूसरे पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे में, आर्थराइटिस के मरीजों को इनसे परहेज करना चाहिए।
प्रोसेस्ड और रेड मीट
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का सेवन शरीर में सूजन बढ़ा सकता है, जिससे आर्थराइटिस के लक्षण बिगड़ सकते हैं। एक स्टडी में रेड मीट खाने वाले लोगों में आर्थराइटिस की शिकायत अधिक पाई गई थी। इसलिए आर्थराइटिस के मरीजों को रेड और प्रोसेस्ड मीट का सेवन नहीं करना चाहिए।
अल्कोहल
आर्थराइटिस से पीड़ित लोगों में शराब का सेवन बीमारी के लक्षणों को बढ़ा सकता है। एक स्टडी में पाया गया कि अल्कोहल का संबंध स्पॉन्डिलाइटिस आर्थराइटिस से पीड़ित लोगों की रीढ़ की हड्डी में संरचनात्मक नुकसान से हो सकता है। ऐसे में, आर्थराइटिस के मरीजों को शराब से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
ग्लूटेन
गेहूं, जौ और राई में ग्लूटेन नाम का प्रोटीन पाया जाता है। कुछ रिसर्च में इन खाद्य पदार्थों और आर्थराइटिस के लक्षणों के बीच संबंध सामने आया है। वहीं, कुछ अध्ययनों में ग्लूटेन-फ्री डाइट से लक्षणों में कमी देखी गई। एक स्टडी के अनुसार, ग्लूटेन-फ्री और शाकाहारी भोजन करने वाले लोगों में आर्थराइटिस के मामले कम पाए गए।
एजीई की अधिकता वाले खाद्य पदार्थ
एजीई का पूरा नाम एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स (AGEs) है। ये तत्व अधपके मीट में पाए जा सकते हैं और खाना पकाने की प्रक्रिया के दौरान भी बनते हैं। प्रोटीन और फैट से भरपूर कुछ पशु-आधारित खाद्य पदार्थ, जैसे मेयोनेज़ और अधिक वसा वाला मीट, जब फ्राई, रोस्ट, ग्रिल या उबालकर तैयार किए जाते हैं, तो उनमें एजीई की मात्रा बढ़ सकती है। शरीर में इनकी अधिकता होने पर सूजन बढ़ने की आशंका रहती है, जो आर्थराइटिस की परेशानी से जुड़ी हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
