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World hepatitis day 2023 : हेपेटाइटिस बी ज्यादा खतरनाक है या सी, जानें लक्षण और इलाज
Difference Between Hepatitis B And C Symptoms: हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन है, जो उनके प्रकार के आधार पर हल्के या गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है। हेपेटाइटिस एक वायरस होता है, जो अत्यधिक शराब के सेवन, विषाक्त पदार्थ, दवाएं और कुछ मेडिकल कंडीशन के वजह से शरीर में पनपने लगते हैं।
लिवर आपके शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग होता है जो पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, खून को फिल्टर करने के साथ ही संक्रमण से लड़ता है। ऐसे में जब लीवर में सूजन या क्षति होती है, तो यह कार्य प्रभावित होने लगते हैं। अनुपचारित हेपेटाइटिस लीवर फेल या लीवर कैंसर कारण बन सकता है

आमतौर पर हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं, जिनमें हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस डी और हेपेटाइटिस ई शामिल हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी क्रॉनिक डिजीज, लिवर डैमेज और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर दोनों में से कौन ज्यादा खतरनाक है।
हेपेटाइटिस बी क्या है?
हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है, जो एक्यूट और क्रॉनिक लिवर डिजीज दोनों का कारण बन सकता है। यह घातक भी हो सकता है, क्योंकि इससे सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। हेपेटाइटिस का यह प्रकार खून, लार, वजाइनल फ्लूइड और वीर्य जैसे तरल पदार्थ से फैल सकता है। नवजात शिशुओं को जन्म के समय इस संक्रमण से बचाने के लिए टीका दिया जाता है।
क्या है हेपेटाइटिस सी?
हेपेटाइटिस सी वायरस एक ब्लड बोर्न वायरस है और यह ब्लड ट्रांसफ्यूजन, इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन का दोबारा इस्तेमाल आदि से फैल सकता है। यह संक्रमित मां से उसके बच्चे में या यौन प्रक्रिया के कारण खून के संपर्क में आने से भी फैल सकता है।

हेपेटाइटिस बी और सी में क्या अंतर है?
हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी दोनों ही वायरल संक्रमण हैं, जो यौन संबंध या संक्रमित व्यक्ति के खून या शारीरिक तरल पदार्थ के संपर्क में आने से फैलते हैं। कभी-कभी यह को- इन्फेक्शन भी हो सकता है। टीका होने के बावजूद, हेपेटाइटिस बी संक्रमण दुनिया भर में हेपेटाइटिस सी की तुलना में अधिक आम है। साथ ही हेपेटाइटिस बी वायरस हेपेटाइटिस सी की तुलना में लगभग 5-10 गुना अधिक संक्रामक है।
इलाज
- हेपेटाइटिस बी ठीक नहीं होता है, इसलिए इसमें वायरस के प्रतिरूपण (रेप्लिकेशन) को नियंत्रित करने के लिए आजीवन उपचार की ज़रुरत हो सकती है। हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाने की सलाह दी जाती है।
- हेपेटाइटिस सी पूरी तरह ठीक होने वाला रोग है। अगर लिवर की क्रिया में अव्यवस्था का कोई प्रत्यक्ष कारण नहीं है तो हेपेटाइटिस सी की जाँच करा लेनी चाहिए। इसका उपचार केवल 3 महीने के लिए होता है और बहुत खर्चीला भी नहीं है।
बचाव का कोई तरीका
हेपेटाइटिस बी को भी वैक्सीन से रोका जा सकता है। हेपेटाइटिस सी का उपचार अगर सिरोसिस (लिवर का कैंसर) होने के पहले हो जाता है तो ठीक होने की संभावना रहती है। हेपेटाइटिस बी ऐसा रोग है जो गंभीर होने पर जानलेवा हो जाता है। यह बढ़कर सिरोसिस में बदल जाता है, तो परिणाम बुरे होते हैं।
हेपेटाइटिस बी और सी, कौन ज्यादा खतरनाक?
हेपेटाइटिस बी ज्यादातर समय बिना किसी दवा के शरीर द्वारा साफ हो जाता है, लेकिन अगर यह पुराना हो जाता है, तो इसका कोई स्पष्ट इलाज नहीं है। वहीं, इसके विपरीत अगर बीमारी के शुरुआती चरण में हेपेटाइटिस सी का पता चल जाए, तो इसे एंटीवायरल दवाइयों से ठीक किया जा सकता है। हालांकि, दोनों ही वायरस लंबे समय में लिवर को नुकसान, सिरोसिस और लिवर कैंसर का कारण बन सकते हैं।
हेपेटाइटिस के लक्षण
कमजोरी और थकान
मतली और उल्टी
दाहिने ऊपरी पेट में दर्द
मिट्टी के रंग का मल
भूख न लगना और मल पतला होना
बुखार
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना
शरीर पर खुजली होना
हेपेटाइटिस से कैसे बचाव करें
- असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने से बचें।
- इंजेक्शन या सुई शेयर करने से बचें।
- हमेशा रजिस्टर्ड डॉक्टर और अस्पताल से ही जांच या इलाज कराएं।
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ने पर खून हमेशा रजिस्टर्ड ब्लड बैंक से ही खरीदें।
- इस बात का खास ख्याल रखें कि दाढ़ी बनाने से पहले सैलून में उपकरणों को अच्छे से डिइंफेक्ट किया जाएं।
- ऑथेंटिक टैटू आर्टिस्ट से ही टैटू बनवाएं।
संक्रमण की संभावना को रोकने के लिए हेपेटाइटिस बी का टीका जरूर लगवाएं।
अपने लिवर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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