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जानें घर में गाजर उगाने के ये 10 तरीके
ठंड के समय सब्जियां उगाने को आप शौक के रूप में न लें। इसके जरिए आप कीटनाशक मुक्त सब्जियां भी प्राप्त कर सकेंगे। अगर आप ठंड के समय सब्जियां उगाना चाहते हैं तो इसके लिए गाजर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आप थोड़ा भी समय देंगे तो आपको ज्यादा से ज्यादा परिणाम मिलेगा। हालांकि अच्छे परिणाम के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान भी रखना होगा।
अगर आप घर पर गाजर उगाने को लेकर थोड़े गंभीर हो जाएं तो आप होने वाली पैदावार से चौंक सकते हैं। हो सकता है कि घर पर उगाया गया गाजर बाजार जितना सुंदर न हो, पर इतना तो तय है कि इसके जैसा स्वाद आपको और कहीं नहीं मिलेगा। गाजर में पौष्टिक तत्व बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। यह बाल, त्वचा और आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है।
गाजर उगाने की दिशा में पहला कदम यह है कि आप सबसे अच्छे प्रकार के गाजर का चयन करें जो मिट्टी के अनुकूल हो। क्या आप गाजर उगाने के कुछ और टिप्स जानना चाहते हैं? आइए हम आपको बताते हैं-

तैयारी
गाजर उगाने के लिए तैयारियों का विशेष महत्व है। अच्छी पैदावार के लिए उगाने के स्थान की दो बार खुदाई करें। अगर मिट्टी ढीली रहेगी और उसमें पत्थर वगैरह नहीं होंगे तो गाजर लंबा और सीधा होगा।

मिट्टी को अच्छे से ढीली करें
गाजर उगाने के लिए मिट्टी को अच्छे से ढीला करना भी बेहद जरूरी है। इससे गाजर बड़ा और अच्छे आकार का होगा। अगर मिट्टी सख्त होगी तो गाजर को बढऩे में रुकावट आएगी, जिससे यह पूरा आकार नहीं ले सकेगा।

बीज की रोपाई
एक कतार में 12-20 मिमी गहरे और 150 मिमी की दूरी पर बीज को रोपना अच्छा रहता है। इसके अलावा आप बीज को बालू और पत्ती से ढंक दें।

पानी देना
पौधों के अच्छे विकास के लिए नियमित रूप से पानी दें। गाजर के बीज को अंकुरित होने के लिए बड़ी मात्रा में नमी की जरूरत होती है। चूंकि बीज सतह के काफी करीब रहता है, इसलिए सूखने का खतरा ज्यादा होता है। नियमित रूप से पानी देना गाजर उगाने का एक अहम पहलू है।

टाट का इस्तेमाल करें
नमी बनाए रखने का एक तरीका यह है कि आप बीज को टाट से ढंक दें। ऐसे में अगर आप दो दिन में एक बार भी पानी दें तो नुकसान नहीं होगा। जैसे ही पहला हरा अंकुरण दिखाई दे, टाट को हटा दें और रोजाना पानी दें।

जड़ों को ढकें
बाहर नजर आने वाली जड़ों को मिट्टी और सड़ी घास से ढंकना भी बेहद जरूरी होता है। इससे यह सूरज की रोशनी के सीधे संपर्क में आने से बच जाता है। सूरज की रोशनी पड़ने से गाजर के ऊपरी हिस्से में हरापन आ सकता है।

ऐसे करें बुआई
गाजर को चार फीट चौड़ी और 10 फीट लंबी पंक्ति में लगाएं। इसके लिए आप गार्डनिंग टेम्पलेट का भी सहारा ले सकते हैं। बीज डालने के बाद इसे वर्मीकुलाइट से ढंक दें।

फर्टीलाइजर
ठंड में सब्जियां उगाने के लिए फास्फोरस अच्छा रहता है। बीज डालते वक्त मिट्टी की खुदाई के समय पर्याप्त मात्रा में अस्थिचूर्ण जरूर डालें। साथ ही सिंचाई के दौरान थोड़ी मात्रा में मछली या समुद्री शैलवाल का इमल्शन डालना भी ठीक रहता है।

साथ में और भी पौधे लगाएं
गाजर को दूसरे पौधे जैसे रोजमैरी, तेजपात या चीव के साथ भी उगाया जा सकता है। पर हां, गाजर को कभी भी सौंफ या धनिया जैसे पौधों के साथ उगाएं। इससे क्रॉस पॉलिनेशन का खतरा रहता है।

कीटनाशक नियंत्रण
गाजर को उन पौधो से दूर उगाएं जिस पर पहले से ही कीट का बसेरा हो।



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