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Akshaya Tritiya 2023: साल के सबसे शुभ दिन में से एक है अक्षय तृतीया, नोट कर लें सही तारीख
वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, इसे अखा तीज भी कहा जाता है।
अक्षय शब्द का अर्थ होता है 'जिसका कभी क्षय न हो या जिसका कभी नाश न हो'। ऐसे में मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि यदि व्यक्ति दान-पुण्य, स्नान, यज्ञ, जप आदि जैसे शुभ कर्म करे तो इससे मिलने वाले शुभ फलों की क्षय अर्थात कमी नहीं होती है।

इस दिन सोने या चांदी के आभूषणों की खरीददारी शुभ मानी है जिससे घर में लक्ष्मी का वास होता है। जानते हैं अक्षय तृतीया की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में -
अक्षय तृतीया की तिथि एवं मुहूर्त
इस वर्ष अक्षय तृतीया 22 अप्रैल को पड़ेगी। अक्षय तृतीया तिथि का शुभ आरंभ 22 अप्रैल को सुबह 07:50 बजे से होगा और समापन 23 तारीख को सुबह 07:28 बजे होगा।
इसके साथ ही इस दिन आयुष्मान योग होगा, शुभ कृतिका नक्षत्र रहेगा (नक्षत्र स्वामी सूर्य है), सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, अमृत सिद्धि योग और त्रिपुष्कर योग भी रहने वाला है, जो इस तिथि को और भी शुभ बनायेंगे।
अक्षय तृतीया के दिन यानी 22 अप्रैल को लक्ष्मी-नारायण और कलश पूजन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 07:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। पूजा के लिए 4:31 घंटे का समय रहेगा। सोना खरीदने के लिए अक्षय तृतीया की तिथि का कोई भी समय उपयुक्त रहेगा क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त है।

अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया का दिन साल के उन साढ़े तीन मुहूर्त में से एक है जो सबसे शुभ माने जाते हैं। इस दिन अधिकांश शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन सोना-चांदी जैसे आभूषण खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि शुभ मुहूर्त होने से लक्ष्मी का वास बढ़ता है। इसके साथ ही इस दिन पितरों का दान किया जाता है, क्योंकि पूर्वज विशेष तौर पर आशीर्वाद देते हैं। मान्यता अनुसार इसी दिन से त्रेता युग का प्रारम्भ हुआ था। वहीं परशुराम अवतार का अवतरण भी इसी दिन हुआ था। धार्मिक दृष्टि से इस दिन दान पुण्य का कार्य करना चाहिए, इससे जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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