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Amarnath Yatra 2023: मुस्लिम ने खोजी थी अमरनाथ की पवित्र गुफा,जानें 'बाबा बर्फानी' का इतिहास
अमरनाथ यात्रा की शुरूआत हो चुकी है। बाबा बर्फानी केे दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) 30 जून से शुरू हो गई है, ये यात्रा 11 अगस्त 2023 तक चलेगी। अमरनाथ धाम का हिदू धर्म में विशेष स्थान है, जो जम्मू-कश्मीर मौजूद है। इस स्थान पर प्राकृतिक रूप से बनने वाले शिवलिंग को देखने और पूजा करने के लिए देश विदेश से भक्त आते हैं। यहां पर हर साल बर्फ से बना शिवलिंग प्रकट होता है।

लेकिन क्या आप इस बात को जानते हैं कि बर्फ से बने शिवलिंग की खोज किसने की थी ? ज्यादातर लोगों को इस बारें में जानकारी नहीं है लेकिन जम्मू कश्मीर के पहलगाम के बूटा मलिक ने इसकी खोज की थी और आज भी इनके वशंज यहां रहते हैं। गुलाम नबी मलिक जो बूटा मलिक के वंशंज हैं आज यहां रहते हैं।
कश्मीरी मुस्लिम ने की थी पवित्र अमरनाथ गुफा की खोज
जानकारी के अनुसार साल 1850 में बूटा मलिक ने इस पवित्र गुफा की खोज की थी। जहां पर प्राकृतिक रूप से बर्फ़ से शिवलिंग का निर्माण होता है। बताते चले कि साल 2005 तक बूटा मलिक का परिवार ही अमरनाथ यात्रा मैनेज करता था लेकिन फिर अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इस परम्परा को समाप्त कर दिया।

लाम नबी मलिक जो बूटा मलिक के वंशंज हैं वो तोहफा भी है जो महाराजा हरि सिंह ने पवित्र गुफा में साल 1947 में दिया था। आपको बता दें कि बाबा बर्फानी की ये पवित्र गुफा जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से लगभग 141 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं अगर इसकी ऊचांई की बात करें तो ये करीब 12,756 फुट पर है।
दर्शन के लिए भक्त कैसे जा सकते हैं?
गुफा तक आने के लिए भक्तों के पास दो रास्ते हैं। पहला पहलगाम और दूसरा बालटाल।
Image Courtesy- pinterest.com



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