Latest Updates
-
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम -
'तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए, वापस आ जाओ', केतन की हत्या के बाद सिया गोयल ने किया ये पोस्ट, अब हो रहा वायरल -
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video
Balaram Jayanti 2024: भादो माह में मनाई जाती है श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम की जयंती, नोट करें तिथि
Balaram Jayanti 2024 Kab Hai: हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को बलराम जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान कृष्ण के बड़े भाई और जगत के रक्षक बलराम जी के सम्मान में मनाया जाता है।
बलदाऊ जी के नाम से भी जाने जाने वाले बलराम जी की इस दिन भगवान कृष्ण के साथ पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और सुख, सौभाग्य, यश और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

बलराम जयंती 2024 का शुभ समय
वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि शनिवार 24 अगस्त को प्रातः 07:51 बजे प्रारम्भ होकर 25 अगस्त को प्रातः 05:31 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार बलराम जयंती 24 अगस्त को मनाई जाएगी। भक्तजन ब्रह्म बेला से ही अपनी पूजा आरम्भ कर सकते हैं।
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को वृद्धि योग बनता है जो पूरी रात रहता है। इसके अलावा इस दौरान रवि योग भी है। शिववास योग सुबह 07:51 बजे तक है, जो बलराम जी की पूजा के लिए एक और शुभ समय प्रदान करेगा।
बलराम जयंती 2024 पंचांग विवरण
बलराम जयंती के पंचांग में कई प्रमुख समय शामिल हैं:
सूर्योदय: 05:55 बजे
सूर्यास्त: 06:51 अपराह्न
चंद्रोदय: 09:54 बजे
चंद्रास्त: 10:43 पूर्वाह्न
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:27 बजे से 05:11 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:32 बजे से 03:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:51 बजे से 07:13 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:01 बजे से 12:46 बजे तक
यह त्यौहार उन भक्तों के लिए बहुत महत्व रखता है जो भगवान कृष्ण के साथ बलराम जी की पूजा करके आशीर्वाद और अपनी इच्छाओं की पूर्ति चाहते हैं। शुभ समय और योग अनुष्ठान और प्रार्थना करने के लिए आदर्श क्षण प्रदान करते हैं।
बलराम जयंती का उत्सव न केवल बलराम जी का सम्मान करता है बल्कि भगवान कृष्ण के साथ आध्यात्मिक संबंध को भी मजबूत करता है। भक्तों का मानना है कि इन अनुष्ठानों में भाग लेने से उनके जीवन में अपार खुशी और दिव्य आशीर्वाद मिलता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications