Latest Updates
-
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी
Basant Panchami 2025 कब है 2 या 3 फरवरी? दूर करें तारीख को लेकर कन्फ्यूजन और जानें कुंभ स्नान का समय
Basant Panchami 2025 Kab Hai: बसंत पंचमी हर साल माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन को ज्ञान की देवी मां सरस्वती के अवतरण दिवस के रूप में जाना जाता है।
इस वर्ष बसंत पंचमी 2 फरवरी 2025, रविवार को मनाई जाएगी। तिथि का आरंभ 2 फरवरी सुबह 9:14 बजे होगा और समाप्ति 3 फरवरी सुबह 6:52 बजे होगी।

सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त (Saraswati Puja 2025 Ka Shubh Muhurat)
2 फरवरी को सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:09 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है। यह दिन बच्चों की शिक्षा शुरू करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
चार शुभ योग (Auspicious Yog on Basant Panchami 2025)
इस वर्ष बसंत पंचमी पर चार विशेष योग बन रहे हैं:
1. सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:09 बजे से रात 12:52 बजे तक।
2. रवि योग: 2 फरवरी रात 12:52 बजे से 3 फरवरी सुबह 7:08 बजे तक।
3. शिव योग: सुबह 9:14 बजे तक।
4. सिद्ध योग: 2 फरवरी के दिनभर।
महाकुंभ का चौथा शाही स्नान (Mahakumbh Shahi Snan Timing in Basant Panchami 2025)
इस दिन महाकुंभ का चौथा शाही स्नान होगा, जिसे अमृत स्नान भी कहा जाता है। स्नान का समय ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5:24 से 6:16 बजे तक रहेगा। अमृत स्नान पूरे दिन किया जा सकता है।
बसंत पंचमी का महत्व
बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा माना जाता है। इस दौरान धरती पर सरसों के पीले फूल और प्रकृति का सौंदर्य अद्भुत होता है। लोग इस दिन पीले वस्त्र पहनकर माता सरस्वती की पूजा करते हैं। यह दिन नई ऊर्जा और ज्ञान की शुरुआत का प्रतीक है। सरलता और सुंदरता से जुड़ा यह पर्व हर किसी के जीवन में उल्लास भरता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications