Latest Updates
-
Hantavirus Outbreak: बीच समंदर क्रूज पर फैला हंतावायरस, 3 की मौत; जानें कैसे फैलता है यह वायरस? -
Met Gala 2026: सोने की साड़ी और हीरे जड़ा ब्लाउज पहन रेड कार्पेट पर उतरीं ईशा अंबानी, बनाने में लगे 1200 घंटे -
Bada Mangal 2026 Upay: ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल पर करें ये आसान उपाय, हनुमान जी दूर करेंगे सभी संकट -
39 की उम्र में शादी करने जा रही हैं हुमा कुरैशी? जानें कौन है उनका होने वाला दूल्हा -
Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी आज, जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
Bada Mangal Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से प्रियजनों को दें बड़े मंगल की शुभकामनाएं -
Bada Mangal 2026 Wishes: संकट मोचन नाम तुम्हारा...पहले बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 5 May 2026: साल का पहला 'बड़ा मंगल' आज, बजरंगबली की कृपा से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत -
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम, जानें मां सरस्वती की कृपा के लिए क्या करें
Basant Panchami 2026 Dos And Don'ts: हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 23 जनवरी को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था। मां सरस्वती को विद्या और संगीत की देवी माना जाता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। साथ ही, परीक्षा या करियर में अच्छा परिणाम मिलता है। लेकिन इस दिन कई लोग अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिससे व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, मां सरस्वती नाराज हो सकती हैं। इसलिए बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के साथ-साथ कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। ऐसे में, आइए जानते हैं बसंत पंचमी के दिन क्या करें और क्या न करें -

बसंत पंचमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ शुक्ल पंचमी को ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती को प्रकट किया था, इसलिए इस दिन उनकी विशेष रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। यह दिन विद्यार्थियों, शिक्षक, लेखक और कलाकारों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। बसंत पंचमी के 40 दिन बाद होली का पर्व आता है, इसलिए इसे होली की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।
बसंत पंचमी पर क्या करें?
- बसंत पंचमी के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। अगर आप नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर उससे स्नान करें।
- नहाने के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें और भोजन में पीले पकवान बनाएं।
- मां सरस्वती की आराधना करें और उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें।
- मां सरस्वती को पीले रंग के भोग जैसे केसर का हलवा, बूंदी और खीर आदि अर्पित करें।
- इस दिन विद्या, कला और ज्ञान से जुड़े कार्यों की शुरुआत करें। साथ ही, बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें।
- इस दिन जरूरतमंदों को पीले वस्त्र, पुस्तकें या भोजन दान करें।
बसंत पंचमी पर क्या ना करें?
- बसंत पंचमी के दिन किसी भी प्रकार की वाद-विवाद से बचें और किसी को अपशब्द ना कहे।
- बसंत पंचमी के दिन से बसंत ऋतु शुरू हो जाती है। इसलिए इस दिन पेड़-पौधे को भूल से भी ना काटें।
- बसंत पंचमी के दिन नहाने से पहले भोजन नहीं करना चाहिए।
- बसंत पंचमी के दिन आपको सात्विक भोजन करना चाहिए। साथ ही, इस दिन अंडा, मांस व मछली और शराब आदि का सेवन भूल कर भी ना करें।
- बसंत पंचमी के दिन क्रोध, अहंकार और नकारात्मक सोच से बचें।



Click it and Unblock the Notifications