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Chhath Puja: क्या कुंवारी लड़कियां कर सकती हैं छठ पूजा? जानें किन किन लोगों को है यह व्रत रखने की मनाही
Can unmarried girls do chhath puja: सूर्य की उपासना का पर्व है महान और वृहत छठ पूजा। सबसे कठिन व्रतों में से एक है छठ का व्रत। व्रत की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है और अब ये भारत सहित देश विदेश में भी मनाया जाने लगा है।
ये एक ऐसा पर्व है जिसमें लोग दूर दूर से भी अपने गाँव वापस आते हैं और छठ पूजा में हाथ बंटाते है। लेकिन कई बार देखा गया है की कुंवारी लडकियां भी छठ पूजा करने लगी हैं। ऐसे में सवाल उठता है की क्या कुंवारी लड़कियों को छठ पूजा करनी चाहिए?

क्या कुंवारी लड़कियां कर सकती हैं छठ पूजा?
वैदिक ज्योतिष और अन्य धार्मिक ग्रंथो के मुताबिक़ कुंवारी लड़कियों को छठ पूजा नहीं करनी चाहिए। इसके कई कारण है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कारण महाभारत में हुई कुंती माता के साथ घटना है। शास्त्रों के अनुसार सूर्य की उपासना आमतौर पर विवाहित महिलाओं को ही करनी चाहिए।

कुंती जब कुंवारी थी तो उन्होंने सूर्य की उपासना की और सूर्य ने उन्हें संतान का आशीर्वाद दे दिया। ये घटना भी हमें इस ओर इशारा करती है कि विवाहित महिलाओं को ही सूर्य उपासना करनी चाहिए। हाँ, कुंवारी लडकियां छठ पूजा के दौरान प्रसाद बनाने और अन्य कार्यो में व्रती की सहायता कर सकती हैं। व्रती की सहायता करने से भी छठी माता प्रसन्न होती हैं।
जहां तक पुरुषों की बात है तो जब तक पुरुषों का यज्ञोपवीत संस्कार ना हुआ हो तब तक छठ का व्रत नहीं करना चाहिए। छठ एक कठिन व्रत है जिसमें आचार विचार के साथ साठ पूजा विधि और साधन की स्वछता का पूरा ख्याल रखना पड़ता है। निर्जला उपवास करते हुए पूजा करनी होती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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