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Chaitra Navratri 2023: आपने भी कलश स्थापना के साथ बोए हैं जौ तो जान लें उससे जुड़े संकेत
बसंती नवरात्रि मनाया जा रहा है। वैसे तो साल में चार नवरात्रियां आती हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है चैत्र की बसंती नवरात्रि और अश्विन माह की शारदीय नवरात्रि।
इन दोनों ही नवरात्रों में कलश की स्थापना की जाती है और कलश के पास जौ बोये जाते हैं।
ये बोये गए जौ नौ दिन में बड़े हो जाते हैं। जौ बोने के पीछे क्या कारण है और बोये गए जौ क्या संकेत देते हैं? आइये हम आपको बताते हैं।

जौ क्यों है महत्वपूर्ण
हिन्दू धर्म में जौ का बहुत महत्व है। इसे पवित्र अन्न माना जाता है और इसे सीधे सीधे अन्न की देवी माता अन्नपूर्णा से जोड़ा जाता है।
ऐसी मान्यता है की जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया तो धरती पर सबसे पहले उगने वाली फसल जौ की थी। जौ को भारत के कई क्षेत्रो में जयंती भी कहा जाता है।

नवरात्री में कलश के पास क्यों बोते हैं जौ
चूँकि सृष्टी के निर्माण के बाद पहली वनस्पति जो धरती पर उगी वो जौ थी और इसे बहुत पवित्र अन्न माना जाता है। दूसरा कारण ये है कि सृष्टि का निर्माण चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी की पहली तिथि को ही हुई थी।
इसी दिन से नवरात्रि और हिन्दू नव वर्ष दोनों का प्रारंभ होता है इसलिए वर्ष के प्रथम दिवस और माता की पूजा के पहले दिन सृष्टि में जन्मे पहले अन्न को शामिल किया जाता है। इसे देवी की पूजा के समय प्रतिमा के आसपास कलश के पास बोया जाता हैं।

उगे हुए जौ क्या संकेत देते हैं?
जो जौ कलश के आसपास बोये जाते हैं वे नौ दिनों में उग कर बड़े हो जाते हैं। इन जौ के रंग और इनकी सघनता का काफी धार्मिक महत्वा है। ये उगे हुए जौ भविष्य से सम्बंधित कई संकेत देते हैं।
अगर जौ ठीक से नहीं उगे तो भविष्य में अन्न की पैदावार कम होगी और महंगाई बढ़ेगी। जौ अगर सघन नहीं उगे हैं तो भी ठीक नहीं माना जाता है। जौ का रंग काला हो और टेढ़े मेढ़े उगे हों तो भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
दूसरी और अगर जौ बढ़िया से उगे हों, सघनता से उगे हों और इनका रंग हरा या सफेद हो तो फिर भविष्य के लिए अच्छे संकेत माने जाते हैं। अन्न की पैदावार अच्छी होगी और समाज के लिए आने वाला वर्ष शुभ होगा।
अगर जौ घर के अन्दर उगाई गयी हो और वो ठीक से नहीं उगे हों तो फिर परिवार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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