Latest Updates
-
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं
ईद उल अजहा, ईद उल फितर और ईद मिलाद-उन-नबी, क्या है इनका फर्क? जानें तीनों की कहानी
Difference between Eid ul Adha Eid ul Fitr and Eid Milad: अक्सर लोग सोचते हैं कि मुसलमान केवल ईद उल फितर (मीठी ईद) ईद उल अजहा (बकरा ईद) ही मनाते हैं। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है और इस्लाम में ईद मिलाद-उन-नबी भी उतनी ही अहमियत रखती है जितनी पहली दो ईद रखती है। बल्कि कुछ लोग को मीठी ईद और बकरा ईद से भी ज्यादा अहम ईद मिलाद-उन-नबी को मानते हैं। बता दें कि हर ईद का अपना एक अलग संदेश और धार्मिक महत्व है। कहीं रोजों की खुशी मनाई जाती है, तो कहीं कुर्बानी और बलिदान की याद ताजा होती है, और एक ईद पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के सम्मान में मनाई जाती है।
ईद उल फितर, ईद उल अजहा और ईद मिलाद-उन-नबी ये तीनों ईदें अपने आप में खास और बेहद पवित्र मानी जाती हैं। मगर बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें इन तीनों में अंतर भी नहीं पता है। आइए आज हम आपको इन तीनों ईदों के बीच के अंतर को आसान भाषा में समझाते हैं।

1. ईद उल फितर
ईद उल फितर को रोजों की खुशियों का त्योहार कहा जाता है। रमजान के पाक महीने में पूरे एक महीने तक रोजे रखने के बाद ईद उल फितर आती है जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है। वहीं कुछ लोग इसे रोजा तोड़ने वाली ईद भी कहा जाता है। इस ईद में सुबह नमाज पढ़ने के बाद गले मिलकर "ईद मुबारक" कहा जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को फितरा दिया जाता है, ताकि वो भी इस त्योहार में शामिल हो सकें। हर घर में मीठे पकवान बनते हैं जिनमें सबसे ज्यादा सेवइयां बनाई जाती हैं।

2. ईद उल अजहा
ईद उल अजहा को कुर्बानी और बलिदान का त्योहार माना जाता है जिसे बकरीद भी कहा जाता है। इसकी जड़ें हजरत इब्राहीम की उस कहानी से जुड़ी हैं जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का इरादा किया था।अल्लाह ने उनकी आस्था देखकर बेटे की जगह एक भेड़ भेज दी। तभी से इस दिन कुर्बानी दी जाती है और उसका मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है जो गरीबों को, रिश्तेदारों को और अपने परिवार को दिया जाता है। ये त्योहार त्याग, आस्था और इंसानियत का संदेश देता है।
3. ईद मिलाद-उन-नबी
ईद मिलाद-उन-नबी को पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर मनाया जाने वाला पर्व जिसे पैगंबर के जन्मदिन की ईद भी कहते हैं। इस दिन इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन मनाया जाता है। इसे मिलाद या बारावफात भी कहा जाता है। इस ईद के दिन इस्लाम को मानने वाले लोग जुलूस निकालते हैं नमाज पढ़ते हैं और नात (धार्मिक कविताएं) पढ़ते हैं। माना जाता है कि इस दिन मुसलमान पैगंबर की शिक्षाओं और उनके जीवन से सीख लेते हैं और उनके संदेशों को याद किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











