Latest Updates
-
कभी ऑस्ट्रेलिया में करता था पिज्जा डिलीवरी, आज खुद है 3 रेस्टोरेंट का मालिक, ऐसे बदली इस भारतीय की किस्मत -
Anant Chaturdashi 2026 Date: कब है अनंत चतुर्दशी? नोट करें तारीख, गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि -
डायबिटीज में आम, केला और आलू खाना चाहिए या नहीं? जानिए मिथक और सच्चाई -
Guru Pradosh Vrat 2026: 23 या 24 सितंबर, कब है भाद्रपद का आखिरी प्रदोष व्रत? जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त -
थायराइड की दवा कब और कैसे लें? डॉक्टर से जानें सही समय और तरीका -
Ayurveda Day 2026: कब और कैसे हुई आयुर्वेद दिवस की शुरुआत? जानें इस साल की थीम, महत्व और इतिहास -
रानी मुखर्जी की मां और प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का निधन, 75 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 6 काम, वरना नाराज हो सकते हैं पितर -
Fact Check: चेहरे पर 'गोल्ड ऑयल' लगाने से मिलेगी जवां-ग्लोइंग स्किन? जानें वायरल दावे का सच -
लड्डू-मोदक नहीं, यहां बप्पा को लगता है बबल टी का भोग! गणपति पूजा का अनोखा अंदाज हुआ वायरल
Maha Kumbh 2025: त्रिवेणी संगम से जल मंगाकर, नहाने से मिलता है महाकुंभ में स्नान जितना पुण्य?
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान गंगा स्नान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में गंगा स्नान करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है और जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल सकती है। हालांकि, सभी श्रद्धालु प्रयागराज जाकर स्नान नहीं कर सकते। ऐसे में, कई पुराणों और शास्त्रों में यह उल्लेख मिलता है कि यदि श्रद्धा और भक्ति भाव से घर पर संगम के जल का स्नान या आचमन किया जाए, तो भी पुण्य प्राप्त हो सकता है।
कुछ विद्वानों के अनुसार, मन की पवित्रता और आस्था सबसे महत्वपूर्ण है। अतः जो व्यक्ति श्रद्धा से गंगाजल का प्रयोग करता है, उसे भी आध्यात्मिक लाभ मिल सकता है।

धार्मिक दृष्टि कुंभ में स्नान करने का फायदा
धार्मिक दृष्टि से कुंभ में स्नान अत्यधिक फलदायी माना गया है। अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से न केवल शरीर शुद्ध होता है, बल्कि आत्मा भी पवित्र हो जाती है। मान्यता है कि कुंभ स्नान से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिससे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल सकती है।
कैसे मिलता है कुंभ स्नान का पूर्ण फल?
कुंभ स्नान का पूर्ण फल श्रद्धा, भक्ति और आस्था पर निर्भर करता है। अब तक लाखों साधु-संत और श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंचे हैं। कुछ लोग सक्षम होने के बावजूद घर पर ही संगम के जल से स्नान करते हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या घर पर भी कुंभ स्नान का फल प्राप्त हो सकता है? शास्त्रों के अनुसार, यदि सच्चे मन और श्रद्धा से गंगाजल का प्रयोग किया जाए, तो व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ और पुण्य प्राप्त हो सकता है।
गंगा में नहाने का पुण्य
सिर्फ संगम का जल मंगवाकर घर पर स्नान करने से कुंभ स्नान के समान पुण्य नहीं मिलता, क्योंकि कुंभ में स्नान के साथ संत-महात्माओं के दर्शन का भी विशेष महत्व होता है। गंगा को पापनाशिनी माना गया है, फिर भी घर पर संगम जल से स्नान करने और कुंभ में प्रत्यक्ष स्नान करने के पुण्य में अंतर होता है।
कुछ लोग आर्थिक या शारीरिक रूप से कुंभ में शामिल होने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में, यदि वे श्रद्धा और भक्ति के साथ कुंभ से लाए गए संगम जल से स्नान करें, तो उन्हें कुंभ स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
