Latest Updates
-
ओडिशा में जनगणना ड्यूटी पर लगे दो शिक्षकों की हीटस्ट्रोक से मौत, जानिए इस साल क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी -
गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए खाएं ये 5 फल, लू और डिहाइड्रेशन से भी होगा बचाव -
रोज नॉन-वेज खाने वाले हो जाएं सावधान! इन गंभीर बीमारियों का हो सकते हैं शिकार -
Aaj Ka Rashifal, 28 April 2026: मंगलवार को किन राशियों पर बरसेगी हनुमान जी की कृपा? जानें अपना राशिफल -
जेब में प्याज रखने से नहीं लगती लू? संचार मंत्री ने बताया हीटवेव से बचने का 100 साल पुराना नुस्खा -
Mothers Day 2026: 40 की उम्र में भी दिखना है 25 जैसा? मां की थाली में शामिल करें ये 7 सुपरफूड्स -
मोहिनी एकादशी पर जन्में बच्चों के लिए 200+ सबसे सुंदर और संस्कारी नाम अर्थ सहित, देखें लिस्ट -
माता-पिता सावधान! गोलगप्पे खाने से गई 6 साल के बच्चे की जान, जानें गर्मी में फूड पॉइजनिंग के लक्षण -
आम ही नहीं इसकी गुठली में भी छिपे हैं बेशुमार फायदे, पेट की समस्याओं से स्किन एलर्जी तक को जड़ से मिटाए -
पारा पहुंचा 40°C पार, नोएडा के स्कूलों का बदला समय, बच्चों को लू से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय
Shardiya Navratri 2023: “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र के जाप से क्या फायदे मिलते हैं?
Om Aim Hreem Kleem Chamundaye Viche Mantra: नवरात्रि में की जाने वाली दुर्गा पूजा शक्ति उपासना का पर्व है। नौ दिन मां अम्बे के नौ अलग अलग शक्ति रूपों की आराधना और पूजन किया जाता है और मां से सुख समृद्धि की कामना की जाती है।
शारदीय नवरात्रि में ब्रह्माण्ड के सारे ग्रह एकत्रित होकर सक्रिय हो जाते हैं। और कई बार इसका दुष्प्रभाव प्राणियों पर पड़ता है। उस दुष्प्रभाव से बचने के लिए भी शक्ति स्वरुप मां दुर्गा की पूजा की जाती है। इस दौरान एक विशेष दुर्गा मंत्र का भी जाप किया जाता है। जानते हैं दुर्गा मंत्र के बारे में विस्तार से -

दुर्गा मन्त्र
"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।"
दुर्गा मंत्र का पाठ क्यों ज़रूरी हैं?
इस मंत्र को दुर्गा मंत्र के नाम से भी जाना जाता है। दुर्गा मां की नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए इस दुर्गा मंत्र का जाप किया जाता है। नवरात्रि में सभी ग्रहों की शक्तियों के किसी भी प्रकार के प्रभाव से बचने के लिए दुर्गा मंत्र सहायक होता है। इसलिए दुर्गा मंत्र का जाप नवरात्रि के दौरान करने से नकारात्मक शक्तियों से भी बचाता है। इस मंत्र को नवार्ण मंत्र भी कहते हैं, जिसका एक एक अक्षर दुर्गा माता की नौ शक्तियों को प्रदर्शित करता है।

दुर्गा मंत्र का अर्थ
'ॐ' परब्रह्म का सूचक है जिससे यह समस्त जगत व्याप्त होता है।
"ऐं" - यह वाणी, ऐश्वर्य, बुद्धि तथा ज्ञान प्रदात्री माता सरस्वती का बीज मन्त्र है।
"ह्रीं" बीज मन्त्र महालक्ष्मी से सम्बंधित है। ह्रीं - ह्रीं यह ऐश्वर्य, धन ,माया प्रदान करने वाली मातामहालक्ष्मी का बीज मंत्र है।
"क्लीं" - यह शत्रुनाशक, दुर्गति नाशिनी महाकाली का बीज मन्त्र है।
"चामुण्डायै" चण्ड और मुण्ड नामक राक्षसों के संहार करने माँ दुर्गा को चामुण्डा कहा जाता है।
"विच्चे" - विच्चे का अर्थ समर्पण या नमस्कार है।
कैसे करें जाप?
इस दुर्गा मंत्र का जाप 108 मोतियों या दाने की माला पर कम से कम तीन बार करना चाहिए। हालांकि नवार्ण मंत्र नौ अक्षरों का है लेकिन शारदीय नवरात्रि और विजयदशमी के चलते इसके आगे ॐ लगाकर ही जाप करना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications