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Garuda Puran: मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें कभी न करें इस्तेमाल, लग जाएगा पितृ दोष और सता सकती है उनकी आत्मा
Garuda Puran in Hindi: हिन्दू धार्मिक संस्कृति में गरुड़ पुराण का बहुत महत्व है। यह वह ग्रन्थ है जिसका पाठ व्यक्ति के लिए मृत्यु के पश्चात किया जाता है। किसी ब्राह्मण द्वारा इसका वाचन होता है।
इस पुराण में मृत्यु के पश्चात के जीवन और उन विभिन्न योनियों का वर्णन है जिनमें व्यक्ति का जन्म होता है। गरुड़ पुराण में मनुष्य के मृत्यु पश्चात के कर्मकांडों के बारे में भी विस्तार से लिखा गया।

गरुड़ पुराण में इस बात का भी वर्णन है कि मृत व्यक्ति की किन वस्तुओं को इस्तेमाल में बिलकुल नहीं लाना चाहिए क्योंकि इससे पितृदोष लग सकता है:
कपड़े
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत लोगों के कपड़ों को इस्तेमाल में नहीं लाना चाहिए। कपड़े किसी भी व्यक्ति के बेहद करीब होते हैं जिनका रोज़ाना प्रयोग होता है। व्यक्ति की आत्मा उन कपड़ों से जुड़ी होती है जो वो दैनिक जीवन में पहन रहा होता है। पुराण के अनुसार जो व्यक्ति मृत्यु के पश्चात उसके इस्तेमाल किये हुए कपड़ों को पहनता है उसको मृत की आत्मा और यादें सताने लगती है। इसलिए या तो उन कपड़ों को आग के हवाले कर देना चाहिए या फिर दान में देना चाहिए।
गहनें
प्राण त्यागने के समय व्यक्ति ने यदि कोई आभूषण पहना हो तो उसे भी प्रयोग में नहीं लाना चाहिए। गहनों में मृत व्यक्ति की ऊर्जा समाहित होती है। ऐसे में उन आभूषणों को पहनना आपको सता सकता है और पितृ दोष का संकट गहरा सकता है। इसलिए ऐसे आभूषण को या तो बिना इस्तेमाल किये संभाल कर रखें या फिर किसी मंदिर में दान कर दें।
घड़ी
घड़ी केवल समय को नहीं दर्शाती बल्कि कभी ना रुकने वाली इस दुनिया को भी दिखाती है। व्यक्ति घड़ी का प्रयोग भी रोज़मर्रा के जीवन में करता है। घड़ी ऊर्जा का मुख्य स्रोत होती है। जीवन के पश्चात किसी दूसरे के द्वारा इसका प्रयोग पितृ दोष को बढाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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